त्विषा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई की चार्जशीट से एक चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। इसमें 20 लाख रुपये का इन्वेस्टमेंट, समर्थ सिंह का उस पैसे को चीनी शेयर बाजार में लगाने का प्लान और त्विषा का ऐसा करने से इनकार करना शामिल है।
त्विषा ने पैसा देने से किया इनकार
चार्जशीट में दावा किया गया है कि कथित तौर पर इसी मकसद से 7 अप्रैल, 2026 को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बागमुगलिया ब्रांच में समर्थ और त्विषा के नाम पर एक जॉइंट अकाउंट खोला गया था लेकिन त्विषा ने इनकार कर दिया। सीबीआई के मुताबिक, उसका कहना था कि वह पैसा उसके पिता का है। चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि उसके इनकार करने की वजह से ही दोनों आरोपियों ने उसे लगातार मानसिक प्रताड़ना दी।
मौत से कुछ घंटे पहले त्विषा ने की थी अपनी दोस्त से बात
20 लाख रुपये के इस मामले को जो बात खास बनाती है वह यह है त्विषा की मौत से कुछ घंटे पहले हुई एक कथित बातचीत। सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक, त्विषा ने 12 मई, 2026 को शाम करीब 7:51 बजे अपनी दोस्त राशि अब्रोल को फोन किया था। बातचीत के दौरान उसने कथित तौर पर कहा कि उसने वापस आने का फैसला कर लिया है और राशि को बताया कि समर्थ उस पर अपना इन्वेस्टमेंट ट्रांसफर करने का दबाव डाल रहा था ताकि वह उस पैसे को चीनी शेयर बाजार में लगा सके।
त्विषा के पिता ने भी की थी पैसों वाली बात
चार्जशीट में पैसों के दबाव को उस कथित क्रूरता का हिस्सा माना गया है जो त्विषा को अपने ससुराल में झेलनी पड़ी थी। त्विषा के पिता नवनिधि शर्मा ने भी पैसों को लेकर डाले गए कथित दबाव के बारे में बात की है।
नवनिधि शर्मा ने कहा, “त्विषा के अकाउंट में 20 लाख रुपये थे। शादी के कुछ दिनों बाद ही समर्थ ने उस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया और कहा कि मुझे ये पैसे चाहिए। उसने कहा कि चीन से उन्हें दोगुना मुनाफा मिल सकता है। मां और बेटा दोनों ही त्विषा पर दबाव डाल रहे थे।”
नौकरी जाने के बाद समर्थ उड़ाता था त्विषा का मजाक
सीबीआई चार्जशीट में त्विषा की नौकरी जाने के बाद बेइज्जती के आरोपों की भी डिटेल है। एजेंसी के मुताबिक, त्विषा ने अपने माता-पिता को बताया कि समर्थ उसकी नौकरी जाने पर उसका मजाक उड़ाता था और कथित तौर पर उससे कहता था, “तुम्हें तो इंग्लिश बोलनी भी नहीं आती, इसलिए नौकरी चली गई।”
सीबीआई का आरोप है कि ये बातें उसे मानसिक रूप से परेशान करने के इरादे से कही गई थीं लेकिन चार्जशीट में बताए गए आरोप पैसे और नौकरी को लेकर हुई बहस से कहीं ज्यादा गंभीर हैं। जांच करने वालों का कहना है कि त्विषा ने अपने माता-पिता को यह भी बताया था कि उसे ससुराल में दोनों आरोपियों की लगातार निगरानी का एहसास होता था।
जांच अभी पूरी नहीं हुई
अब डीमैट अकाउंट अभियोजन पक्ष की दलील का एक अहम हिस्सा बन सकता है। 20 लाख रुपये का आरोप इसलिए और भी अहम हो जाता है क्योंकि सीबीआई ने अदालत को साफ तौर पर बताया है कि कथित पैसों की मांग के मामले में उसकी जांच अभी पूरी नहीं हुई है। अपनी अंतिम रिपोर्ट/पहली चार्जशीट में जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि आगे की जांच में दहेज की कथित मांग और दहेज के कारण हुई मौत से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
सीबीआई ने कोर्ट को यह भी बताया है कि अहम डिजिटल सबूतों का अभी भी इंतजार है। चार्जशीट के मुताबिक, त्विषा के मुख्य फोन से डेटा निकालने पर आरोपी के खिलाफ अहम सबूत मिल सकते हैं, दूसरे लोगों की संभावित भूमिका का पता चल सकता है या नए गवाहों की पहचान भी हो सकती है। जब पहली चार्जशीट दाखिल की गई थी तब डेटा निकालने वाली रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा था।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

