फर्जी पतों पर वाहन रजिस्ट्रेशन का खेल अब पूरे हरियाणा में खुलेगा, अनिल विज के आदेश के बाद ACB की जांच शुरू

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अंबाला कैंट एसडीएम कार्यालय में सामने आए फर्जी पतों पर दूसरे राज्यों के वाहनों के रजिस्ट्रेशन मामले की जांच अब प्रदेशभर में होगी। अंबाला से शुरू हुई जांच के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने सभी एसडीएम कार्यालयों में वाहन रजिस्ट्रेशन की जांच शुरू कर दी है। इसमें क्रेन, जेसीबी, ट्रैक्टर और अन्य भारी व्यावसायिक वाहनों के पंजीकरण की पड़ताल की जा रही है।

दैनिक जागरण ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। परिवहन मंत्री अनिल विज ने दैनिक जागरण की खबरों पर संज्ञान लेते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) को चिट्ठी लिखकर जांच करवाने के आदेश दिए थे। अंबाला कैंट में इस मामले की जांच डीसी के निरीक्षण के बाद शुरू हुई थी।

231 मामले आए सामने

रिकॉर्ड खंगालने पर 231 ऐसे वाहनों के रजिस्ट्रेशन सामने आए, जिनके पते संदिग्ध, अधूरे या सत्यापन में सही नहीं पाए गए थे। इनमें दूसरे राज्यों से लाई गई भारी मशीनरी भी शामिल है। राजस्व विभाग के कर्मचारियों से इन पतों का सत्यापन कराया गया। इसके बाद वाहनों के रजिस्ट्रेशन रद करने की प्रक्रिया शुरू की गई और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वाहन मालिकों को नोटिस जारी किए गए।

लेकिन डीसी के आदेश केवल कैंट तक ही सीमित रहे, जबकि जिले के अन्य एसडीएम कार्यालयों में भी इसी तरह का खेल होता रहा। एसीबी जांच से बढ़ा दायरा: अंबाला कैंट के एसडीएम कार्यालय की जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट डीसी को सौंपी थी। इसी आधार पर एफआइआर दर्ज की गई। सबसे बड़ा सवाल यह है कि कैंट एसडीएम ऑफिस के मामले में केस दर्ज करवा दिया गया, लेकिन दूसरे ऑफिस में इसे नजरअंदाज क्यों किया गया?

अब एसीबी को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। अब केवल अंबाला कैंट के रजिस्ट्रेशन की जांच नहीं होगी, बल्कि प्रदेश के अन्य एसडीएम कार्यालयों में भी इसी तरह के मामलों की पड़ताल होगी।

जागरण ने उठाया था मामला, अब पूरे प्रदेश में जांच

दैनिक जागरण ने लगातार इस मामले को प्रमुखता से उठाते हुए सवाल किया था कि जब दूसरे राज्यों की कंपनियां हरियाणा में परियोजनाओं के लिए क्रेन और भारी मशीनरी लेकर आती हैं, तो इन वाहनों का स्थानीय स्तर पर रजिस्ट्रेशन किस आधार पर किया गया।

कई मामलों में स्थानीय पते दिए गए, लेकिन सत्यापन के दौरान इन पतों की वास्तविकता पर सवाल खड़े हुए। जांच में यह भी सामने आया कि अंबाला कैंट के अलावा बराड़ा और नारायणगढ़ एसडीएम कार्यालयों में भी दूसरे राज्यों के वाहनों के रजिस्ट्रेशन हुए हैं। बराड़ा में गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से जुड़े वाहनों के स्थानीय पते सामने आए, जबकि नारायणगढ़ में कई मामलों में स्थायी और अस्थायी पते एक जैसे अथवा अधूरे पाए गए।

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