बंगाल में संगठित अपराध से जुड़े मामलों का ब्योरा जुटा रही ईडी, हथियार तस्करी, मानव तस्करी के खिलाफ अभियान शुरू
ईडी ने बंगाल पुलिस से ऐसे मामलों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है, जिनमें धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच की गुंजाइश है।
राज्य सरकार के एक अधिकारी के मुताबिक, पिछले शासन के दौरान संगठित अपराध से जुड़े कई मामले थानों में दर्ज हुए, लेकिन उनकी जांच में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। ऐसे में इन अपराधों में धन के लेनदेन और मनी लांड्रिंग के पहलू स्पष्ट नहीं हो सके।
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने फिलहाल हथियार तस्करी, मानव तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी और साइबर अपराध से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है।
ये अपराध पीएमएलए के तहत अनुसूचित अपराध की श्रेणी में आते हैं। जांच एजेंसी ऐसे मामलों की जानकारी ले रही है, जिनमें प्राथमिकी दर्ज होने के बाद राज्य स्तर पर जांच आगे नहीं बढ़ी।
अधिकारी के मुताबिक, इन अपराधों में हवाला समेत विभिन्न अवैध माध्यमों से बड़े पैमाने पर धन का लेनदेन होने की आशंका रहती है। अब राज्य की जांच एजेंसियां अपनी जांच जारी रखने के साथ संबंधित मामलों का ब्योरा ईडी को भी उपलब्ध कराएंगी।
राज्य सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य संगठित अपराध के खिलाफ राज्य और केंद्रीय जांच एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
इससे अपराध से जुड़े धन के प्रवाह का पता लगाने और अवैध धन को वित्तीय व्यवस्था में वापस लाने की कार्रवाई में तेजी आने की उम्मीद है। ईडी पहले से ही बंगाल में भर्ती घोटाले, कोयला तस्करी और मवेशी तस्करी समेत कई मामलों की जांच कर रही है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

