खुशखबरी: बरेली में जल्द थमने वाला है बंदरों का उत्पात! 12 हजार बंदरों को पकड़ने की तैयारी पूरी
शहर में उत्पाती बंदरों को पिंजरे के अंदर करने के लिए नगर निगम की ओर से सात माह बाद निविदा आमंत्रित कर दी गई है। दावा किया जा रहा है कि अगस्त में ही निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर एजेंसी को काम सौंप दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार पहले चरण में 12 हजार बंदरों को पकड़ने की जिम्मेदारी एजेंसी काे दी जाएगी।
इसके लिए हर वार्ड में रोस्टर बनाकर अभियान चलाया जाएगा। शहर के सिविल लाइंस, ग्रीन पार्क, शास्त्रीनगर, सुभाषनगर, कालीबाड़ी, मिनी बाइपास रोड से सटे बसंत विहार कालोनी, पुराना शहर समेत अन्य हिस्सों में बंदरों के झुंड आए दिन आमजन को अपना शिकार बनाते हैं।स्थिति यह है कि लोगों को छत पर कपड़ा सुखाने के लिए भी कई बार सोचना पड़ता है। कालीबाड़ी में बीते वर्ष घर के तीसरी मंजिल पर खड़े बुजुर्ग पर हमला होने के चलते नीचे गिरकर मौत हो गई थी।
क्षेत्र के पार्षद हरिशंकर राजपूत कहते हैं कि मुहल्ले में बंदरों का उत्पात लगातार बढ़ रहा है। स्थिति यह है कि कई बार घर का दरवाजा खुला रहने पर घर के अंदर के रखे भोजन व फ्रिज आदि को खोलकर भी बंदर सामान निकाल ले जाते हैं।
बंदरों के दिनोंदिन बढ़ते उत्पात की शिकायतों को देखते हुए शासन ने नगर निगम और वनविभाग में कार्य करने को लेकर चल रहे भ्रम की स्थिति को साफ करते हुए नगर निकायों को ही बंदरों को पकड़ने के निर्देश दिए।
इस पर नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने पशु कल्याण विभाग को निविदा निकालते हुए एजेंसी चयन के निर्देश दिए। नगर आयुक्त के अनुसार एजेंसी चयनित होते ही बंदरों को पकड़ने का काम शुुरु कराया जाएगा।
पहले चरण में 12 हजार बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़ा जाएगा, उसके बाद भी शिकायत की स्थिति में कार्यादेश जारी कर बंदरों को पकड़कर जंगलों में छोड़ने का काम जारी रहेगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

