रायबरेली में बेसिक शिक्षा विभाग को बड़ी राहत, अब अपनी खुद की इमारतों में चलेंगे क्षेत्र के सभी 38 सरकारी स्कूल
बेसिक शिक्षा विभाग के नगर क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और राहत भरी खबर है। नगर क्षेत्र के सभी 38 स्कूल अब किराएदारी के अभिशाप से मुक्त हो गए हैं। कभी नगर क्षेत्र के लगभग एक तिहाई स्कूल किराए की जर्जर बिल्डिंगों में संचालित होते थे, लेकिन अब विभाग के सभी सरकारी स्कूल अपनी खुद की सरकारी इमारतों में स्थानांतरित कर दिए गए हैं।
पूर्व में किराए की राशि बेहद कम होने के कारण मकान मालिक भवनों के रखरखाव या मरम्मत के लिए तैयार नहीं होते थे, जिससे विभाग और मकान मालिकों के बीच आए दिन तनातनी बनी रहती थी। मकान मालिक अपने जर्जर परिसरों को खाली कराने के लिए मुख्यमंत्री से लेकर जिलाधिकारी और बीएसए कार्यालय के चक्कर काटने को विवश थे।
विद्यालय हुए निजी भवन में स्थानांतरित
प्राइमरी स्कूल कैपरगंज बालक को चकअहमदपुर भेजा गया। प्रकाश नगर को चकअहमदपुर। वजीरगंज को किला बालिका। जहानाबाद को किला बालिका। प्राइमरी स्कूल उर्दू मीडियम को किला बालक सूरजपुर को किला बाजार। दक्षिणी जहानाबाद को सत्य नगर। कैपरगंज बालिका को बेलीगंज और दूरभाष नगर को मुंशीगंज में शिफ्ट किया गया।
साल पुराना संघर्ष हुआ समाप्त
खाली सहाट परिसर में एक अनोखी स्थिति बनी हुई थी। विगत 60 से अधिक वर्षों से किराए पर चल रहे प्राइमरी स्कूल छोटी बाजार और प्राइमरी स्कूल खाली सहाट का किराया मात्र 40 रुपया था। इस परिसर की 87 वर्षीय मालकिन विदुषी श्रीवास्तव पिछले 7 वर्षों से अपने इस जर्जर परिसर को खाली कराने के लिए प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर लगा रही थीं।बीएसए राहुल सिंह के कार्यभार संभालते ही इस समस्या के समाधान की दिशा में तेजी आई। खाली सहाट विद्यालय जर्जर परिसर से बेलीगंज की सरकारी बिल्डिंग में शिफ्ट करा दिया गया। इससे बच्चों को एक सुरक्षित और बेहतर सरकारी शैक्षणिक माहौल मिल सका।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

