पुरामहादेव मंदिर पर लगे श्रावणी मेले में शिवरात्री पर जलाभिषेक करने के लिये कावंड़ियों की भीड़ उमड़ पड़ी।कावंड़िये लंबी-लंबी लाइनों में लगकर भगवान आशुतोष पर जलाभिषेक कर रहे हैं। डीएम और एसपी मंदिर में रहकर सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमान संभाले हुए हैं। दोपहर तक बीस लाख से अधिक कांवड़िए जलाभिषेक कर चुके हैं।
ऐतिहासिक पुरामहादेव मंदिर पर लगे श्रावणी मेले के तीसरे दिन शिवरात्री के अवसर पर कांवड़ियों की भीड़ मंदिर पर उमड़ पड़ी। जिधर देखो उधर केसरिया रंग नजर आ रहा है। चारों तरफ भोले के जयकारे गूंज रहे है। कावंड़िये लंबी-लंबी लाइनों में लगकर घंटो के इंतजार के बाद भगवान आशुतोष पर जलाभिषेक कर रहे हैं।
सुबह 3 बजकर 54 मिनट पर झंडापुजन शुरू हुआ। एक घंटे तक चले पूजन के बाद 4 बजकर 54 मिनट पर झंडारोहण किया गया, जिसके बाद चतुर्दशी का मुख्यजलाभिषेक शुरू हुआ। चतुर्दशी लगते ही लाइन में लगे कांवड़ियों ने भगवान आशुतोष पर जलाभिषेक करना शुरू कर दिया। सुरक्षा की दृष्टि से चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है।
डीएम अस्मिता लाल और एसपी सूरज कुमार राय मंदिर में कैम्प किये हुए हैं और लगातार व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे है। मुख्य पुजारी पंडित जयभगवान शर्मा ने बताया कि श्रावणी मेले में मंगलवार सुबह 10 बजे तक 15 लाख से अधिक कांवड़िये जलाभिषेक कर चुके है और लाखों कांवड़िये लाइन में लगे हुए है।
औघड़नाथ मंदिर उमडे़ शिवभक्त
मेरठ के औघड़नाथ मंदिर पर सुबह से ही कांवडियों की कतार लगी है। औघड़नाथ मंदिर में सुबह आरती के बाद जलाभिषेक शुरू हुआ। तेज वर्षा ने सुबह शिवालय जाने वाले शहर के श्रद्धालुओं का मार्ग भी रोका है। औघड़नाथ मंदिर के बाहर तेज वर्षा से भंडारे, मेले की दुकानें प्रभावित हो गई हैं।
मंगलवार सुबह की अमृत वेला ब्रह्म मुहूर्त में 04:54 बजे से चतुर्दशी का जलाभिषेक किया जा रहा है। औघड़नाथ मंदिर पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई थी। मंदिर आने वाले तीनों मार्गों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों को 500 मीटर पहले ही रोक दिया गया था। त्रयोदशी के चलते औघड़नाथ मंदिर सोमवार रात खुला रहा।
मंगलवार को भी रात भर दर्शन व जलाभिषेक के लिए मंदिर खुला रहेगा। बुधवार को दोपहर दो बजे कपाट बंद किए जाएंगे। औघड़नाथ मंदिर में शाम सात बजे आरती होगी। शहर के अन्य शिवालयों में भी शिवभक्त जलाभिषेक कर रहे हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

