PNG के बढ़ते दामों से बेहाल उद्योग, बहादुरगढ़ के उद्यमियों ने CM सैनी और पेट्रोलियम मंत्री से लगाई गुहार

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 औद्योगिक नगरी बहादुरगढ़ में पीएनजी की कीमतों में बार-बार हो रही बढ़ोतरी ने उद्योगों का संकट बढ़ा दिया है। वैश्विक हालातों से पहले से ही कई तरह की दिक्कत झेल रहे उद्यमी गैस की कीमतों से कराह उठे हैं।

ऐसे में बहादुरगढ़ चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (बीसीसीआइ) ने प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सैनी और केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी को पत्र भेजकर गैस की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि का आधार स्पष्ट करने और मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

चैंबर के अनुसार बहादुरगढ़ में बड़ी संख्या में उद्योग हरियाणा सिटी गैस प्राइवेट लिमिटेड से मिलने वाली पीएनजी पर ही निर्भर हैं। इसलिए गैस कीमतों का यहां पर व्यापक असर पड़ता है।

चैंबर की ओर से उद्यमी नरेंद्र छिकारा ने पत्र में बताया है कि वर्ष 2025 और 2026 के दौरान प्राकृतिक गैस की कीमतों में कई बार बदलाव किया गया। जनवरी से मार्च 2025 तक गैस की दर 56.92 रुपये थी, जो अप्रैल से दिसंबर 2025 तक बढ़कर 57.92 रुपये प्रति इकाई हो गई।

जनवरी, फरवरी और मार्च 2026 के शुरुआती 15 दिनों तक भी यही दर लागू रही। इसके बाद 16 मार्च से दर 63.92 रुपये की गई। इसी अवधि में संशोधित दर 89.90 रुपये तक पहुंच गई। अप्रैल में भी दरों में बदलाव हुआ और 84 रुपये तक की संशोधित दर बताई गई। बाद में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से 65.02 रुपये की दर लागू हुई, जो मई और जून में भी रही।

अब एक अगस्त 2026 से कीमत बढ़ाकर 72.20 रुपये करने का निर्णय लिया गया है। गैस की कीमत बढ़ाने के संबंध में किसी सरकारी विभाग की अधिसूचना, दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं होता। ऐसे में यह स्पष्ट तो हो कि बढ़ी हुई दरों का आधार क्या है।

उत्पादन लागत बढ़ी, बाजार में कीमत बढ़ाना मुश्किल

उद्यमियों का कहना है कि गैस की कीमतों में लगातार वृद्धि का सीधा असर उत्पादन लागत पर पड़ रहा है। इससे उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और औद्योगिक इकाइयों की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो रही है। ग्राहक उत्पादों की कीमत में समान अनुपात में बढ़ोतरी स्वीकार करने को तैयार नहीं होते, जिससे उद्योगों दोहरा दबाव बढ़ रहा है।

मार्च 2026 की स्थिति को लेकर उद्यमियों का कहना है कि उस समय गैस की दर 57.92 रुपये से बढ़ाकर 89.90 रुपये की गई थी। इसके पीछे गैस की कमी और अंतरराष्ट्रीय तथा खाड़ी क्षेत्र से जुड़ी कीमतों की परिस्थितियों का हवाला दिया गया था। बाद में मूल दर 57.92 रुपये से बढ़ाकर 63.92 रुपये की गई।

बहादुरगढ़ में हरियाणा सिटी गैस पीएनजी की प्रमुख आपूर्तिकर्ता है। ऐसे में बार-बार और बड़ी वृद्धि से उद्योगों में कीमत तय करने की प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उद्यमियों ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि नई दरों को किसी सरकारी विभाग या सक्षम प्राधिकरण ने मंजूरी दी है या फिर इन्हें कंपनी ने स्वतंत्र रूप से निर्धारित किया है।

इस पर उद्यमियों ने केंद्रीय मंत्री से हस्तक्षेप करते हुए यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि औद्योगिक क्षेत्र के हितों की रक्षा हो तथा पीएनजी की कीमतों में होने वाली बढ़ोतरी उचित, पारदर्शी और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप ही हो।

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