ऑफिस या स्कूल के लिए लेट हो रहे हों तो किचन में फटाफट बनाने के लिए सबसे पहले सैंडविच ही याद आता है। कभी सोचा है कि इस झटपट बनने वाले सैंडविच को पहली बार किसने बनाया था और इसे बनाने के पीछे की कहानी क्या थी? अगर नहीं तो चलिए आज आपको सैंडविच की इसी दिलचस्प कहानी के बारे में बताते हैं।
सैंडविच से जुड़ी हैं कई कहानियां
सैंडविच के बनने का इतिहास खंगाले तो हम पाते हैं कि इससे जुड़ी कोई एक नहीं, बल्कि कई कहानियां हैं:
इंग्लैंड के व्यस्त आदमी से जुड़ी कहानी
सैंडविच की सबसे फेमस कहानी इंग्लैंड के जॉन मोंटेगू जिन्हें ‘सैंडविच के चौथे अर्ल’ कहा जाता है, से जुड़ी हुई है। जॉन मोंटेगू 18 वीं सदी के कुलीन वर्ग से आने वाले नामी ब्रिटिश राजनेता थे, कहते हैं कि उन्हीं के नाम पर सैंडविच का नाम रखा गया है। इससे जुड़ी एक कहानी ऐसी है कि जॉन मोंटेगू बेहद व्यस्त व्यक्ति थे, उन्हें ताश खेलने की बुरी आदत थी।
एक बार जब वो बाजी खेलने के बैठे तो 24 घंटे उसी खेल में लगे रहे। उस समय ब्रिटिश राजनेता को खाने-पीने तक की फुर्सत नहीं थी। इसी बीच में उन्होंने के ब्रेड के बीच में मांस का टुकड़ा दबाया और खाने लगे। दूसरे साफ सुथरे हाथ से वो ताश खेलते रहे और तभी से सैंडविच लोगों के बीच पॉपुलर हो गया। कहा तो यह भी जाता है कि यह कहानी केवल एक किंवदंती है, इसमें सच्चाई नहीं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

