शास्त्री पार्क और न्यू उस्मानपुर में DDA की जमीन पर अवैध पार्किंग का खेल, ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई के लिए लिखा पत्र
शास्त्री पार्क में न्यू उस्मानपुर थाने के पास डीडीए की जमीन व सड़क और न्यू उस्मानपुर पांचवा पुश्ता पर धड़ल्ले से अवैध पार्किंग चल रही है। दिल्ली यातायात पुलिस ने डीडीए व निगम के आरपी सेल को पत्र लिखकर कार्रवाई करने को कहा है। इसके साथ ही जो भी पार्किंग चल रही हैं, उनके संचालकों को नोटिस जारी करके पार्किंग से जुड़ी अनुमति पुलिस को दिखाने काे कहा है।
यातायात पुलिस ने डीडीए व निगम को लिखे गए पत्र में कहा है अभिराज तिवारी, ओमसेन, नीटू, प्रिंस डेढा, महेश समेत अन्य सरकारी जमीनों पर अवैध पार्किंग चला रहे हैं। डीडीए व निगम संयुक्त रूप से मिलकर इनके खिलाफ कार्रवाई करें। कार्रवाई के दौरान पुलिस अपना सहयोग देगी।
पुलिस ने कहा कि पुलिस ने खुद इन क्षेत्रों का निरीक्षण किया तो अवैध पार्किंग चलती हुई मिली हैं। जमीन डीडीए की है। सरकारी जमीनों पर अवैध पार्किंग पर कार्रवाई का दायित्व निगम के आरपी सेल के पास होता है।
चल रहा है अवैध पार्किंग का खेल, देख नहीं पा रहा डीडीए
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी जमीनों पर कब्जे का खेल चल रहा है। माफिया सरकारी जमीनों को डीडीए व निगम के अधिकारियों के साथ मिलकर कब्जा कर रहे हैं। अपने कार्यालयों में एसी में बैठकर अधिकारी जमीन पर उतरकर कुछ देख ही नहीं पा रहे हैं। इन अवैध पार्किंग से सरकार को राजस्व का बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है।
सवाल उठ रहे हैं कि सरकारी जमीन पर पंजाब रोडवेज व डग्गामार बसों का अड्डा चल रहा है। सरकारी विभाग तमाशा देख रहे हैं। न्यू उस्मानपुर थाने के पास जिला प्रशासन की जमीन पर कब्जा था। दैनिक जागरण अखबार में खबर प्रकाशित होते ही डीएम ने सरकारी जमीन को खाली करवाया।
सरकारी जमीन पर करीब पांच से छह अवैध पार्किं चल रही
स्थानीय लोग डीडीए व निगम पर सवाल उठा रहे हैं जब प्रशासन अपनी जमीन को खाली करवा सकता है कि तो डीडीए व निगम अधिकारियों के माफिया पर कार्रवाई करने में हाथ क्यों कंपकंपा रहे हैं। न्यू उस्मानपुर पांचवा पुश्ता पर एकसाथ सरकारी जमीन पर करीब पांच से छह अवैध पार्किं चल रही हैं।
दिल्ली देहरादून हाइवे के किनारे यह पार्किंग चल रही हैं। यहां पार्किंग करने वाले माफिया में अधिकारियों का काेई खौफ नहीं है। निगम ने यहां कई बार कार्रवाई की, लेकिन उसका नतीजा कुछ नहीं रहा। इस मामले में डीडीए के एई रिजवान अहमद से फोन काल करके व वाट्सएप मैसेज पर पक्ष मांगा, लेकिन उन्होंने चुप्पी साध ली।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

