2 करोड़ के फ्लैट, लाखों की कारें… फिर भी बारिश में ‘स्विमिंग पूल’ बनी नोएडा की पॉश सोसायटी, Video वायरल

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मानसून की बारिश ने नोएडा की हाईराइज सोसायटियों में महंगी सुविधाओं और बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच के अंतर को एक बार फिर सामने ला दिया है।

सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में एक महिला ने अपनी सोसायटी के बेसमेंट में भारी जलभराव की तस्वीर साझा करते हुए व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। महिला ने व्यंग्य करते हुए बेसमेंट में जमा पानी को ‘कॉम्प्लिमेंट्री स्विमिंग पूल’ बताया।

नोएडा निवासी आंचल सिंह ने इंस्टाग्राम पर वीडियो साझा करते हुए सवाल किया कि आखिर जिस लाइफस्टाइल और सुविधाओं के लिए लोग हजारों रुपये किराये और मेंटेनेंस के रूप में चुका रहे हैं, क्या उन्हें उस स्तर की बुनियादी सुविधा मिल रही है?

3-4 हजार मेंटेनेंस… फिर भी बेसमेंट में पानी

आंचल ने वीडियो में बताया कि वह जिस प्रीमियम सोसायटी में रहती हैं, वहां फ्लैट का किराया 30 हजार रुपये से अधिक है। इसके अलावा हर महीने करीब 3 से 4 हजार रुपये मेंटेनेंस चार्ज लिया जाता है, जबकि बिजली का बिल अलग से देना होता है।

इसके बावजूद बारिश के बाद सोसायटी के बेसमेंट में इतना पानी भर गया कि पार्किंग क्षेत्र तालाब में तब्दील नजर आया।

उन्होंने कहा कि लोग महंगे फ्लैट खरीदने और किराये पर रहने के लिए बड़ी रकम खर्च करते हैं। ऐसे में कम से कम पार्किंग और बेसमेंट जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए।

2 करोड़ के फ्लैट, लाखों की कारें और ये हाल

महिला ने सवाल उठाते हुए कहा कि सोसायटी में करोड़ों रुपये कीमत वाले फ्लैट हैं और पार्किंग में लाखों रुपये की कारें खड़ी रहती हैं। लोग अपनी मेहनत की कमाई लगाकर यहां घर खरीदते हैं, लेकिन बारिश के दौरान बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि निर्माण के नाम पर पूरे साल काम चलता है, वहीं मेंटेनेंस के नाम पर लगातार बिल और अतिरिक्त शुल्क वसूले जाते हैं। इसके बावजूद बारिश के दौरान बेसमेंट में जलभराव की समस्या सामने आ जाती है।

सोशल मीडिया पर भी लोगों ने उठाए सवाल

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने भी नोएडा और ग्रेटर नोएडा की सोसायटियों में बारिश के दौरान होने वाले जलभराव पर चिंता जताई। कई लोगों ने इसे सिर्फ एक सोसायटी की समस्या न बताते हुए शहर की व्यापक जलनिकासी व्यवस्था से जोड़कर देखा।

एक यूजर ने लिखा कि यह स्थिति बेहद निराशाजनक और परेशान करने वाली है। वहीं, एक अन्य यूजर ने जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई जगह सीवर का पानी वापस आने लगता है।

एक अन्य यूजर ने कहा कि भारी बारिश के दौरान करोड़ों रुपये कीमत वाले बंगले और महंगे फ्लैट वाले इलाकों में भी पानी जमा हो जाता है और ऐसी बारिश में जलभराव की समस्या से पूरी तरह बचना मुश्किल है।

मानसून में हाईराइज सोसायटियों की व्यवस्था पर सवाल

नोएडा में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या नई नहीं है। सड़क से लेकर आवासीय सोसायटियों के बेसमेंट तक बारिश का पानी जमा होने की शिकायतें सामने आती रही हैं।

ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल यह वीडियो एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी और हजारों रुपये के मासिक मेंटेनेंस के बावजूद बारिश के पानी की निकासी जैसी बुनियादी व्यवस्था क्यों प्रभावित होती है।

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