संसद में चल रहे हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए में शामिल नए सांसदों के साथ सुबह के नाश्ते पर मुलाकात की, उनसे संसदीय बहसों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया।
सूत्रों के अनुसार, संसद को लोकतंत्र का सर्वोच्च मंदिर बताते हुए, पीएम मोदी ने हालिया व्यवधानों पर चिंता व्यक्त की और कहा कि हंगामे के कारण नए सांसदों को सदन में बोलने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। कथित तौर पर उन्होंने कहा कि यह उनके साथ अनुचित है और साथ ही यह भी जोड़ा कि संसदीय कार्यवाही सुचारू रूप से चलनी चाहिए।
पीएम मोदी का विकास पर जोर
पीएम मोदी ने सांसदों से संसद के इतिहास को पढ़ने, सीखने और समझने को कहा। उन्होंने कहा कि संसद में ऐतिहासिक सामग्री का भारी खजाना मौजूद है, इसका उपयोग सदन की बहसों की तैयारी के लिए करें। अपने-अपने राज्यों के विकास के लिए काम करें।
देश तभी आगे बढ़ेगा जब राज्य प्रगति करेंगे। इस ब्रेकफास्ट मीटिंग में लगभग 45 सांसद मौजूद थे, जिनमें शिवसेना के सात, नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के 20 और एनसीपी (अजित पवार गुट) के दो सांसद शामिल थे।
सांसदों को प्रधानमंत्री का आश्वासन
पीएम मोदी ने तृणमूल कांग्रेस के बागियों और शिवसेना (उद्धव गुट) के छह सांसद, जो हाल ही में एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए हैं, उनको भी आश्वासन दिया कि वह उनके साथ हैं और उन्हें चिंता करने की कोई बात नहीं है।
उन्होंने कहा कि एनडीए एक परिवार है। हम सभी घटक दलों के साथ हैं। प्रत्येक व्यक्ति का सम्मान किया जाएगा और उसे मौका दिया जाएगा। मैं एनडीए के किसी एक घटक दल के साथ नहीं, बल्कि हर सांसद के साथ हूं। मैं एनडीए के हर एक सांसद के साथ खड़ा हूं। आपको किसी भी बात को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।
प्रधानमंत्री ने आगे उनसे अपने निर्वाचन क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए अपनी शक्ति का प्रभावी ढंग से उपयोग करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र में किसी भी विकास कार्य के लिए सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय से संपर्क करें, गरीब मजदूरों और किसानों सहित सभी से मिलें, और हर किसी की समस्याओं को समझें। बैठक के अंत में प्रधानमंत्री ने प्रत्येक सांसद से व्यक्तिगत रूप से बात की और उनका हालचाल जाना।
सांसदों के साथ संवाद का सिलसिला
यह बैठक पीएम मोदी द्वारा अपने आधिकारिक आवास पर 37 भारतीय जनता पार्टी के सांसदों के साथ आयोजित डिनर के एक दिन बाद हुई है। यह मुलाकात मानसून सत्र के दौरान सांसदों के साथ उनके चल रहे संपर्क अभियान का ही हिस्सा थी।
यह अनौपचारिक सभा शासन और संसदीय मामलों पर विचारों का आदान-प्रदान करने और पार्टी के भीतर समन्वय को मजबूत करने के लिए आयोजित की गई थी।
कथित तौर पर पीएम मोदी ने सांसदों के साथ अपने व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किए और कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। इस बातचीत के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों को दिल्ली के नैरेटिव के जाल में न फंसने और विपक्ष के सदस्यों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने की भी विशेष सलाह दी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

