गंगा-यमुना ने पकड़ी तेजी, प्रयागराज में वीआइपी घाट की बह गई मिट्टी; तटीय क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ा

1977 Shares

बारिश और बाढ़ का असर अब दिखने लगा है। बारिश से जहां शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की कई सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं तो संगम के पास वीआइपी घाट के बगल में मिट्टी ही बह गई। इससे वहां कई फीट की गहरी खाई हो गई है। इसी तरह बाढ़ के चलते संगम क्षेत्र की कई सड़कें जलमग्न हो गईं।

रात आठ बजे तक गंगा-यमुना का जलस्तर

गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पांच अगस्त की सुबह से छह अगस्त की सुबह तक 24 घंटे में गंगा का पानी 28 सेमी तो यमुना का 26 सेमी बढ़ा है। वहीं छह अगस्त को दिन भर में गंगा का पानी 12 सेमी बढ़ा है। रात में आठ बजे गंगा का जलस्तर 78.72 मीटर रिकार्ड किया गया। इसी तरह यमुना का जलस्तर छह अगस्त को दिन में 18 सेमी बढ़ गया। रात में आठ बजे 75.40 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया।

जलस्तर एक नजर में

– गंगा का जलस्तर-78.72 मीटर

– यमुना का जलस्तर-75.40 मीटर

– खतरे का निशान-84.73 मीटर

यमुना का और बढ़ेगा जलस्तर

मध्य प्रदेश में केन नदी के उफान पर होने से अभी यमुना का जलस्तर और भी बढ़ने की संभावना है। वहीं मध्य प्रदेश की ही बेतवा तथा राजस्थान की चंबल नदी का भी पानी यमुना में आ रहा है। इसका भी असर प्रयागराज में पड़ने की उम्मीद है।

कानपुर बैराज का पानी बढ़ा रहा गंगा का जलस्तर

वहीं गंगा में कानपुर बैराज से गुरुवार सुबह से लगभग तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जाने लगा है। बुधवार रात तक इस बैराज से लगभग ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। दोनों नदियों का जल स्तर बढ़ने से तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।

तटीय इलाकों में पहुंचने लगा बाढ़ का पानी

एडीएम वित्त एवं राजस्व तथा जिला आपदा अधिकारी विनीता सिंह ने बताया कि तटीय इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। इसको लेकर सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत शिविर व्यवस्थित किए जा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *