एसएन मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक होने से पर्चे के लिए धक्का मुक्की होती है। मरीजों को पर्चे बनवाने में समस्या ना आए, इसके लिए पुराने ओपीडी काॅम्प्लेक्स के प्रथम तल पर निर्माण कराया जाएगा। वहीं, स्त्री रोग विभाग के लिए चार मंजिला ओपीडी काॅम्प्लेक्स बनाया जाएगा। 10 करोड़ रुपये से 15 महीने में काॅम्प्लेक्स बनकर तैयार होगा।
एसएन मेडिकल काॅलेज की पुरानी ओपीडी में तीन हजार से अधिक मरीज परामर्श के लिए पहुंचते हैं। ओपीडी काॅम्प्लेक्स में पर्चे के लिए छह काउंटर हैं, इसके साथ ही दवा और जांच के लिए भी काउंटर है। मरीजों की संख्या अधिक होने से पर्चे के लिए धक्कामुक्की होती है। यहां प्रथम तल निर्माण कराया जाएगा। इसमें ओपीडी के पर्चे, दवा और जांच के काउंटर खोले जांएगे। वहीं, स्त्री रोग विभाग के भवन में ही पर्चे और ओपीडी कक्ष हैं।
यहां भी मरीजों की संख्या अधिक होने से समस्या होती है। इसके लिए पुराने स्त्री रोग विभाग की जमीन पर चार मंजिला ओपीडी काम्प्लेक्स बनेगा। इसके भूतल पर पर्चे क काउंटर बनाए जाएंगे। जबकि अन्य तलों पर जांच के साथ ही कांफ्रेंस हाल बनेंगे।
प्राचार्य डा. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि ओपीडी काॅम्प्लेक्स के निर्माण का कार्य जल्द शुरू होगा। 15 महीने में काम पूरा हो जाएगा। काॅम्प्लेक्स बनने के बाद मरीजों को पर्चे बनवाने में समस्या नहीं आएगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

