‘हापुड़ में 200 KG नकली पनीर पकड़ा गया’, केमिकल से किया जा रहा था तैयार; दिल्ली-NCR में हो रही सप्लाई

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जिला एक बार फिर मिलावटी खाद्य पदार्थों की सप्लाई का बड़ा केंद्र बनकर सामने आया है। जिले से दिल्ली, नोएडा और हरियाणा तक केमिकल मिलाकर तैयार किया गया संदिग्ध पनीर धड़ल्ले से भेजा जा रहा है, जबकि जिम्मेदार विभागों की कार्रवाई छिटपुट छापों तक ही सीमित रही है।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने बुधवार सुबह दो कुंतल संदिग्ध पनीर से लदा एक वाहन पकड़कर उसके नमूने लिए। प्रारंभिक जांच में पनीर मिलावटी प्रतीत होने पर पूरी खेप को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।

यह कार्रवाई इस ओर इशारा करती है कि लंबे समय से मिलावट का संगठित कारोबार बेखौफ चल रहा है और प्रभावी निगरानी के अभाव में लोगों की सेहत लगातार खतरे में पड़ रही है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर सहायक आयुक्त (खाद्य)-द्वितीय चंद्रशेखर मिश्र के नेतृत्व में कांवड़ यात्रा के मद्देनजर बुधवार सुबह करीब आठ बजे टोडलपुर-सिंभावली मार्ग पर जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान टोडलपुर की ओर से आ रहे पनीर से लदे एक वाहन को रोककर जांच की गई।

केमिकल मिलाकर बन रहा था खतरनाक पनीर

वाहन में ड्रमों में करीब 200 किलोग्राम पनीर अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में रखा मिला। प्रथम दृष्टया पनीर मिलावटी प्रतीत होने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने उसके दो नमूने लेकर जांच के लिए सुरक्षित कर लिए। जांच में पता चला कि पनीर टोडलपुर के रहने वाले जमील का है।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने करीब 44 हजार रुपये मूल्य के पूरे 200 किलोग्राम पनीर को जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर मौके पर ही नष्ट करा दिया, ताकि वह बाजार तक न पहुंच सके। विभाग के अनुसार दोनों नमूने जांच के लिए खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं।

रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सोवेंद्र सिंह पंघाल और सहरिश सादात सहित विभागीय टीम मौजूद रही। अधिकारियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

एक साल से चल रहा था मिलावटी पनीर का कारोबार

प्रारंभिक जांच में खाद्य सुरक्षा विभाग को पता चला कि पकड़ा गया आरोपी करीब एक वर्ष से मिलावटी पनीर तैयार कर उसकी सप्लाई कर रहा था। जांच में सामने आया कि हापुड़ से तैयार किया गया यह पनीर दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों में भेजा जाता था।

विभाग अब सप्लाई चेन, खरीददारों और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटा रहा है। खाद्य विश्लेषक की रिपोर्ट आने के बाद आरोपी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विभाग की मिलीभगत से धंधा नहीं पड़ता मंदा?

हापुड़ में मिलावटी और नकली खाद्य पदार्थों का कारोबार कोई नया नहीं है। समय-समय पर पनीर, खोया, घी, मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों की बड़ी खेप पकड़ी जाती रही है, लेकिन कार्रवाई अक्सर नमूना लेने और माल नष्ट कराने तक सीमित रह जाती है।

ऐसे में सवाल उठता है कि यदि नियमित निगरानी और कड़ी कार्रवाई होती, तो क्या एक वर्ष तक मिलावटी पनीर का कारोबार बेखौफ चलता रहता? बार-बार हो रही बरामदगी विभागीय निगरानी और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े कर रही है। यदि दोषियों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई और पूरे नेटवर्क पर शिकंजा नहीं कसा गया, तो मिलावट का यह कारोबार यूं ही फलता-फूलता रहेगा।

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