बिहार में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शिक्षा और स्वास्थ्य में बड़े बदलाव की शुरुआत हो गई है। राज्य में जहां अस्पतालों में नई रेफरल नीति लागू कर दी गई है। वहीं स्कूलों में ई-लर्निंग व्यवस्था की शुरुआत की जा रही है। इसके अलावा शिक्षकों की छुट्टी के नियमों में भी बदलाव किया गया है।
सरकार का प्रयास शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार करना है। इसके लिए तकनीक की मदद ली जा रही है और पूरी प्रक्रिया को डिजिटल किया गया है, जिससे न सिर्फ पारदर्शिता आएगी, बल्कि अधिक लोगों को इसका फायदा मिल सकेगा।
नई रेफरल नीति
बिहार में 15 अगस्त, 2026 से नई रेफरल नीति लागू की गई है। इसके मुताबिक अब बिना किसी ठोस या गंभीर बीमारी के साधारण मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर करने वाले डॉक्टरों और स्वास्थ्य-कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
गंभीर मरीजों को सीधे रेफर करने के बजाय, पहले प्राथमिक उपचार देकर उनकी स्थिति स्थिर करनी होगी। मरीज के उपचार की पूरी जानकारी और रेफर करने का कारण ”भाव्या डिजिटल पोर्टल” पर ऑनलाइन दर्ज करना होगा। रेफर किए जाने वाले मरीजों के लिए अनिवार्य रूप से सरकारी एंबुलेंस की व्यवस्था होगी।
सरकार के इस कदम से बड़े अस्पतालों (पीएमसीचए, एनएमसीएच, आइजीआइएमएस आदि) में सामान्य मरीजों की भीड़ नहीं होगी और वे विशेष श्रेणी के मरीजों के उपचार में पर्याप्त समय दे पाएंगे।
स्कूलों में शुरू हुई ई-लर्निंग व्यवस्था
बिहार के मॉडल स्कूलों में अब लाइव क्लास की व्यवस्था शुरू हो रही है। जिसके बाद अब छात्र कभी भी अपने सवालों के जवाब ऑनलाइन शिक्षकों से पूछ सकेंगे।
शिक्षक सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे लाइव उपलब्ध रहेंगे। इससे विद्यार्थियों को स्कूल के बाद भी पढ़ाई में शिक्षकों की मदद मिल सकेगी।
खास बात यह है कि विद्यार्थियों के लिए यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क होगी। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों को पोर्टल या मोबाइल एप पर पंजीकरण कराना होगा।
लाइल क्लास के दौरान कोई सवाल होने पर विद्यार्थी शिक्षक को संदेश के माध्यम से अपना सवाल भेज सकेंगे। शिक्षक सवाल का जवाब देकर संबंधित विषय को विस्तार से समझाएंगे।
शिक्षकों की छुट्टी के नियम बदले
सरकारी शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को छुट्टी लेने के लिए अब ई-शिक्षाकोष पोर्टल में ऑनलाइन आवेदन करना होगा। 15 अगस्त 2026 के बाद किसी भी प्रकार के अवकाश के लिए ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
विभागीय निर्देश के अनुसार, सिर्फ अवकाश का आवेदन ही ऑनलाइन नहीं होगा, बल्कि स्वीकृति आदेश भी ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

