उत्तर भारत के प्रसिद्ध गणेश मेले की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार 12 सितंबर से आयोजित होने जा रहे मेले में निकलने वाली भव्य रथयात्रा आकर्षण का केंद्र रहेगी। गणेश परिषद द्वारा 14 सितंबर को निकाली जाने वाली रथयात्रा में श्रद्धालु भगवान कुबेर की 16 फीट ऊंची भव्य और स्वचालित झांकी के दर्शन कर सकेंगे। इस झांकी की सबसे बड़ी खासियत इसका अनोखा श्रृंगार होगा।
पूरी झांकी को 1 रुपये से लेकर 10 रुपये तक के असली सिक्कों से सजाया जाएगा। यही नहीं, भगवान कुबेर के चेहरे पर 100 रुपये और 10 हजार रुपये के विशेष व दुर्लभ सिक्के सुशोभित होंगे, जो श्रद्धालुओं के लिए कौतूहल और आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेंगे। इसके अलावा रथयात्रा में महाबली हनुमान जी की झांकी दिखाई देगी, जो पूरी तरह स्टेशनरी से तैयार होगी।चंदौसी के इस ऐतिहासिक मेले में हर साल विभिन्न देवी-देवताओं की स्वचालित झांकियां निकाली जाती हैं। इन मनमोहक झांकियों को तैयार करने के लिए मेला परिषद के पदाधिकारी और स्थानीय व्यापारी खुद दिन-रात मेहनत करते हैं। गणेश परिषद के रथयात्रा सचिव ललित किशोर गुप्ता ने बताया कि इस बार गणेश मेले का 66वां आयोजन किया जा रहा है।
12 सितंबर से शुरू होने वाले मेले में यहां हर रोज विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, तो कई प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएगी। मेले का मुख्य आकर्षण भगवान गणेश की भव्य रथयात्रा रहेगी, जो इस बार 14 सितंबर को धूमधाम से निकाली जाएगी। रथयात्रा को ऐतिहासिक बनाने के लिए सभी झांकियों पर बारीकी से काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सिक्कों से तैयार हाेने वाली भगवान कुबेर की यह स्वचालित झांकी पूरे मेले का मुख्य आकर्षण साबित होगी। इस झांकी को व्यापारी दीपक वार्ष्णेय के निर्देशन में तैयार किया जा रहा है। उनके साथ 10 से 12 युवा साथी भी सहयोग में लगे हैं।
दीपक वार्ष्णेय ने बताया कि इस झांकी में करीब 2.10 लाख रुपये के सिक्के लगेंगे। फिलहाल झांकी की मुख्य स्ट्रक्चर तैयार हो रहा है। इसके तैयार होने के बाद सिक्कों को लगाने का काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि हर बार रथयात्रा में कोई न कोई नई झांकी शामिल होती है, जो हमेशा आकर्षण का केेंद्र बनती है।
स्टेशनरी से तैयार की जा रहे महाबली हनुमान की झांकी
गणेश रथ यात्रा में श्रद्धालुओं के लिए महाबली हनुमान जी का एक अनोखा और भव्य रूप आकर्षण का केंद्र रहेगा। यात्रा में हनुमान जी की 16 फीट ऊंची स्वचालित झांकी शामिल की जा रही है, जिसे पूरी तरह से स्टेशनरी के सामानों का उपयोग करके तैयार किया जा रहा है।
इस अनोखी झांकी को बनाने में मुख्य रूप से रबर, पेंसिल, कटर, कीलें और कलर पेंसिल जैसी शिक्षण सामग्रियों का प्रयोग किया जा रहा है। कलात्मकता के साथ-साथ यह झांकी एक विशेष सामाजिक संदेश भी प्रस्तुत करेगी।
आयोजकों के अनुसार, स्टेशनरी के इस्तेमाल से झांकी तैयार करने का मुख्य उद्देश्य समाज में शिक्षा के महत्व को रेखांकित करना और बच्चों व युवाओं को पढ़ाई के प्रति प्रेरित व जागरूक करना है। इस झांकी को व्यापारी अक्षय वार्ष्णेय और उनकी टीम द्वारा तैयार की जा रहा है।
रथयात्रा में उमड़ती है लाखाें की भीड़
चंदौसी गणेश मेला परिषद द्वारा निकाली जाने वाले भव्य यात्रा को देखने के लिए लाखों की भीड़ उमड़ती है। यहां मुरादाबाद, बदायूं, अलीगढ़ समेत दूसरे जिले से लोग रथयात्रा देखने पहुंचते हैं। दरअसल बहुत कम ही जगहों पर स्वचालित झांकियां शोभायात्रा में देखने को मिलती है।
इसलिए लोगों को बेसब्री से गणेश चौथ मेले का इंतजार रहता है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग मेले में पहुंचते हैं। आखिरी दिन तक मेला गुलजार रहता है। रथयात्रा वाले दिन शहर पूरी तरह जाम हो जाता है। पुलिस को बैरिकेडिंग आदि कर व्यवस्था संभालनी पड़ती है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

