कुमारधुबी और मैथन की लाइफ लाइन मानी जाने वाली मैथन रोड स्थित झिलिया पुल निर्माण के दौरान आवागमन के लिए बनाया गया अस्थायी डायवर्सन मंगलवार देर रात हुई तेज बारिश में पूरी तरह बह गया। डायवर्सन ध्वस्त होने से दोनों क्षेत्रों के बीच संपर्क बाधित हो गया है।
इसका असर आसपास के गांवों के लोगों, कारखानों में कार्यरत कर्मचारियों, स्कूली बच्चों तथा दैनिक यात्रियों पर पड़ा है। टोटो, ऑटो सहित छोटे वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है, जबकि लोगों को कई किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है।
निर्माण के समय से ही गुणवत्ता पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के समय से ही डायवर्सन की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे थे। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने कई बार संवेदक तथा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को इसकी जानकारी दी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नतीजा यह हुआ कि पहली ही तेज बारिश में डायवर्सन बह गया और हजारों लोगों की परेशानी बढ़ गई।
मुखिया तनवीर आलम ने कहा कि निर्माण में बरती गई लापरवाही का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। उन्होंने मजबूत वैकल्पिक मार्ग की तत्काल व्यवस्था और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
संवेदक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
वहीं भाकपा (माले) नेता नागेंद्र कुमार ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और संवेदक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था नहीं की गई तो वे आंदोलन करेंगे। समाचार लिखे जाने तक प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से मरम्मत कार्य शुरू होने की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली थी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

