श्रावण मास की कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान लाखों शिवभक्तों की सुरक्षा और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के लिए इस बार यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। जिले में पहली बार विशेष यातायात थाना स्थापित किया गया है।
यह थाना सिंभावली क्षेत्र के खुड़लिया स्थित गंगा एक्सप्रेसवे इंटरचेंज के पास बनाया गया है, जहां से कांवड़ यात्रा के दौरान पूरे जनपद की ट्रैफिक व्यवस्था पर निगरानी रखी जाएगी। इस थाने पर एक निरीक्षक के नेतृत्व में करीब 40 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
थाना 24 घंटे सक्रिय रहेगा और ट्रैफिक संचालन, रूट डायवर्जन, भारी वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई इसकी प्रमुख जिम्मेदारियां होंगी।
भारी वाहनों पर रहेगी विशेष नजर
पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर, मेरठ, अमरोहा, मुरादाबाद और उत्तराखंड की ओर जाने वाले वाहनों का दबाव बढ़ जाता है।
ऐसे में गंगा एक्सप्रेसवे से हापुड़ की ओर आने वाले भारी वाहनों की विशेष निगरानी की जाएगी। इन वाहनों को आवश्यकता के अनुसार पहले ही निर्धारित वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया जाएगा, ताकि कांवड़ मार्ग पर किसी प्रकार का जाम न लगे और श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना न करना पड़े।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश को प्रयागराज तक जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे है। जिले में इसका इंटरचेंज बनने के कारण इस मार्ग से बड़ी संख्या में मालवाहक ट्रक, कंटेनर, डंपर और अन्य भारी वाहन जिले की ओर आते-जाते हैं।
आधुनिक संसाधनों से होगी निगरानी
कांवड़ यात्रा के दौरान इन्हीं वाहनों का दबाव कम करने के लिए पहली बार एक्सप्रेसवे के निकट अलग यातायात थाना बनाया गया है, जिससे वाहनों को समय रहते नियंत्रित और डायवर्ट किया जा सके।
यातायात थाना पुलिस कंट्रोल रूम, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, परिवहन विभाग तथा जिले सभी थाना क्षेत्रों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करेगा। यातायात का लगातार आकलन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रूट डायवर्जन लागू किया जाएगा।
इसके साथ ही वायरलेस नेटवर्क, सीसीटीवी कैमरों और अन्य आधुनिक संसाधनों की मदद से यातायात पर नजर रखी जाएगी। इस नई व्यवस्था से न केवल कांवड़ियों की यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम होगी, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख संपर्क मार्गों पर जाम की समस्या को भी काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।
क्या रहेगा यातायात थाने का दायित्व
- गंगा एक्सप्रेसवे से आने वाले भारी वाहनों की निगरानी।
- कांवड़ यात्रा के दौरान रूट डायवर्जन लागू कराना।
- ट्रैफिक जाम की स्थिति में तत्काल वैकल्पिक मार्ग संचालित कराना।
- राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रमुख चौराहों पर यातायात का समन्वय।
- कंट्रोल रूम से समन्वय कर वास्तविक समय में यातायात संचालन।
- आपात स्थिति में त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराना।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

