बाराबंकी का वह मैदान जिसने देश को दिया केडी सिंह ‘बाबू’ जैसा सितारा, अब खेल सुविधाओं के अभाव में जूझ रहे बच्चे
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी का वह ऐतिहासिक मैदान, जहां से हॉकी के महान खिलाड़ी केडी सिंह ‘बाबू’ जैसे दिग्गज ने अपने खेल सफर की शुरुआत की थी, आज बदहाल स्थिति का सामना कर रहा है। खेल सुविधाओं की कमी और मैदान की मौजूदा हालत के कारण स्थानीय बच्चे और युवा यहां नियमित रूप से अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं।
स्थानीय खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का कहना है कि कभी प्रतिभाओं को तराशने वाला यह मैदान अब बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। मैदान की खराब स्थिति का असर नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और खेल गतिविधियों पर पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि स्टेडियम के आधुनिकीकरण और विकास की योजनाएं बनाई गई हैं, लेकिन निर्माण कार्य और अन्य कारणों से खेल गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। खिलाड़ियों को उम्मीद है कि कार्य पूरा होने के बाद उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और खेल गतिविधियां फिर से सुचारु रूप से शुरू हो सकेंगी।
खेल प्रेमियों का मानना है कि केडी सिंह ‘बाबू’ जैसी महान विभूति की विरासत को सहेजने के लिए इस मैदान को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना जरूरी है, ताकि भविष्य में यहां से भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो सकें।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

