‘सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होना विश्वसनीयता की गारंटी नहीं’, CJI सूर्यकांत ने किसे दी नसीहत?
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता किसी व्यक्ति की विश्वसनीयता का प्रमाण नहीं हो सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति या संस्था का मूल्यांकन उसके कार्य, आचरण और तथ्यों के आधार पर होना चाहिए, न कि केवल सोशल मीडिया पर उसकी लोकप्रियता के आधार पर।
अपने संबोधन के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि डिजिटल दौर में सोशल मीडिया का प्रभाव तेजी से बढ़ा है, लेकिन किसी भी सूचना या दावे को सत्य मानने से पहले उसकी प्रमाणिकता की जांच आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल वायरल सामग्री या ऑनलाइन लोकप्रियता के आधार पर किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें।
उन्होंने यह भी कहा कि न्याय व्यवस्था और सार्वजनिक जीवन में विश्वसनीयता का आधार तथ्य, पारदर्शिता और जवाबदेही है। इसलिए समाज को भी जिम्मेदारी के साथ सूचना का मूल्यांकन करना चाहिए और सत्यापित जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

