ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के बाहर गलियों में रविवार को श्रद्धालुओं की भीड़ का दबाव बन गया। श्रद्धालुओं की भीड़ और उमस के कारण श्रद्धालु पसीना बहाते रहे। बैरियर पर श्रद्धालुओं को रोके जाने से और मुश्किल बढ़ गई। बैरियर पर श्रद्धालुओं का बन रहे दबाव से हालत खराब होती रही।
भीड़ के दबाव, उमस से पसीने से तरबतर हो रहे श्रद्धालु पुलिस से आगे बढ़ने की अनुमति देने को झगड़ते रहे। भीड़ के दबाव में फंसी महिलाओं, बच्चों की चीख निकलती रही।
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर की गलियों में भक्तों की भीड़ का बना दबाव
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में रविवार की सुबह से ही भक्तों की भीड़ दर्शन के लिए पहुंच गई। मंदिर के एंट्री प्वाइंट विद्यापीठ चौराहा व जुगलघाट से लेकर मंदिर की गलियों, बाजार तक में भीड़ का दबाव बन गया। दोनों ओर से श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर की ओर ही बढ़ रही थी। वहीं मंदिर के अंदर रेलिंग में भी श्रद्धालुओं की भीड़ बराबर बनी रही। यही कारण था कि मंदिर के अंदर रेलिंग में भीड़ कम होने पर ही बाहर खड़े श्रद्धालुओं को मंदिर में एंट्री मिल रही थी।
बैरियर पर पुलिस से जूझते रहे भक्त
श्रद्धालुओं को पुलिस ने बैरियर पर रोकना शुरू कर दिया। मंदिर जाने वाले रास्तों पर लगाई गई रेलिंग पर भीड़ का दबाव लगातार बढ़ता रहा और उमसभरी गर्मी में श्रद्धालु अकुलाने लगे। पेयजल की कोई व्यवस्था न होने से महिलाओं बच्चों की हालत खराब हो रही थी। ऐसे में पुलिस बैरियर पर खड़े पुलिसकर्मियों से कई बार श्रद्धालुओं की उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति देने के लिए नोकझोंक हुई। सुबह से शुरू हुए ये हालात दोपहर को मंदिर के पट बंद होने तक बने रहे।हजारों श्रद्धालु दर्शन से वंचित रह गए। ये श्रद्धालु मंदिर के आसपास ही डेरा डालकर बैठे रहे और म को मंदिर के पट खुले तो श्रद्धालुओं ने आराध्य के दर्शन किए। शाम को भी मंदिर आने वाले रास्तों पर भीड़ का दबाव बराबर बना ही रहा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

