बेशक फ्रांस की टीम फीफा वर्ल्ड कप-2026 के फाइनल में नहीं पहुंची हो, लेकिन उसके स्टार खिलाड़ी किलियन एमबापे ने इतिहास जरूर रच दिया है। स्पेन ने फ्रांस को सेमीफाइनल में मात देकर बाहर कर दिया था। फ्रांस ने फिर तीसरे स्थान के लिए इंग्लैंड से मुकाबला किया जिसमें उसे हार मिली।
इस मुकाबले में उन्होंने दो गोल किए थे और यही उनके लिए इतिहास रचने के लिए काफी साबित हुए। एमबापे ने पूरे टूर्नामेंट में 10 गोल किए और इसी के साथ वह सबसे ज्यादा गोल कर गोल्डन बूट अवॉर्ड जीतने में सफल रहे। ये गोल्डन बूट उस खिलाड़ी को दिया जाता है जिसके वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल होते हैं।
रच दिया इतिहास
इस गोल्डन बूट को अपने नाम करने के साथ ही एमबापे ने इतिहास रच दिया है। वह लगातार दो बार ये गोल्डन बूट जीतने वाले इतिहास के पहले खिलाड़ी बने हैं। इससे पहले उन्होंने कतर में साल 2022 में खेले गए वर्ल्ड कप में भी गोल्डन बूट अपने नाम किया था। इस सीजन एमबापे ने आठ मैचों में 10 गोल किए हैं। वहीं कतर में उन्होंने आठ गोल किए थे और अपनी टीम को फाइनल में ले गए थे, लेकिन अर्जेंटीना से हार गए थे।
इसी के साथ एमबापे 1970 के बाद फीफा वर्ल्ड कप में दोहरी संख्या में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बने हैं। उनसे पहले जर्ड मुलर ने ये काम किया था। एक वर्ल्ड कप में एमबापे से ज्यादा गोल 1958 में फ्रांस के ही जस्ट फोंटेन और 1954 में हंगरी के सैंडूर कोकसिस ने किए थे। फोंटेन के नाम 13 गोल थे तो संडूर के नाम 11 गोल।
मेसी रह गए पीछे
एमबापे को इस रेस में कोई टक्कर दे रहा था वो थे मेसी। मेसी अगर फाइनल में दो गोल और एक असिस्ट कर देते या तीन गोल कर देते तो ये गोल्डन बूट उन्हें मिल जाता, लेकिन वह एक भी गोल नहीं कर पाए। फीफा वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल करने के मामले में भी एमबापे ने मेसी को पीछे कर दिया। एमबापे के नाम फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में कुल 22 गोल हैं। मेसी उनसे एक गोल पीछे हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

