दिल्ली पुलिस के हाथ लगी बड़ी सफलता, मोनू पोचनपुरिया गैंग का शातिर बदमाश राजीव डागर गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कुख्यात मोनू पोचनपुरिया गिरोह के सदस्य राजीव डागर उर्फ मोनू पोचनपुरिया को गिरफ्तार कर लिया है। इसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट आदि के 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

पुलिस ने आरोपी के पास से दो पिस्टल और 16 कारतूस बरामद किए गए हैं। समय रहते की गई कार्रवाई से गैंगवार और किसी बड़ी हिंसक वारदात की आशंका को टाल दिया गया।

क्राइम ब्रांच के सब-इंस्पेक्टर अंशु कादियान और हवलदार विनोद को सूचना मिली थी कि राजीव डागर अवैध हथियारों के साथ जनकपुरी इलाके में आने वाला है।

पुलिस टीम ने दबोचा

सूचना मिलते ही डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा के मार्गदर्शन और एसीपी राज कुमार के नेतृत्व में इंस्पेक्टर प्रकाश चंद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने हयात होटल, जनकपुरी के पास सफेद रंग की टोयोटा यारिस कार को रोका। बदमाश ने कार भगाकर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया।

वहीं, तलाशी के दौरान उसकी जेब से एक पिस्टल और 10 कारतूस मिले। इसके बाद क्राइम ब्रांच थाने में आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की। पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर मटियाला गांव स्थित उसके ठिकाने से एक और पिस्टल और 6 अन्य कारतूस बरामद किए गए।

यूके के नंबरों से चला रहा था गैंग

हेड कॉन्स्टेबल विनोद ने तकनीकी निगरानी के जरिए पाया कि बदमाश अपने सहयोगियों से संपर्क साधने के लिए यूके आधारित अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर रहा था।

46 वर्षीय राजीव डागर मूल रूप से दिल्ली के इसापुर गांव का रहने वाला है और वर्तमान में गुरुग्राम में रह रहा था। 9वीं तक पढ़े राजीव ने सन् 2000 में चोरी की वारदातों से अपराध की दुनिया में कदम रखा था।

2002 और 2005 में हत्या

2002 में उसने आपसी विवाद में अशोक नाम के व्यक्ति की हत्या की। 2005 में जेल से बाहर आने के बाद उसने अपनी महिला मित्र के भाई खलिंदर की हत्या कर दी।

मोनू पोचनपुरिया गैंग की स्थापना

2010 में जेल से छूटने के बाद उसने ‘मोनू पोचनपुरिया गैंग’ बनाया और रंगदारी व जमीन कब्जाने के धंधे में उतर गया।

2018 का चर्चित डबल मर्डर

2018 में उसने अपने गिरोह के साथ मिलकर द्वारका कोर्ट जा रहे विरोधी गैंगस्टर संदीप उर्फ मेंटल और उसके साथी पवन पोनी की बामनौली गांव के पास दिनदहाड़े हत्या कर दी थी।

बदले की आग

इसके बाद संदीप के भाई जोगिंदर ने बदला लेते हुए राजीव की महिला मित्र कमलेश की हत्या कर दी थी। तभी से दोनों गुटों के बीच खूनी गैंगवार जारी थी।

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