शहर के गिरते भूगर्भ स्तर पर अंकुश लगाना और वर्षा जल संचयन के लिए प्राधिकरण का उद्यान विभाग पार्क व हरि पट्टिका में 300 वाटर पर्कुलेट पिट तैयार कर रहा है, जिस पर 2.10 करोड़ खर्च किया जा रहा है।
इसका मकसद मानसून में पिट के जरिये वर्षा जल का संचयन करना है। एक पिट में एक फिट के हिसाब से 4270 लीटर वर्षा जल का संचयन हाेगा। एक वर्ष में यदि 30 बार पिट के माध्यम वर्षा जल संचयन हुआ तो 128100 लीटर वर्षा जल भूगर्भ में पहुंच जाएगा।
इसी प्रकार से 300 वाटर पर्कुलेट पिट के जरिये 38 करोड़ चार लाख 30 हजार लीटर वर्षा जल में एक साथ पहुंचेगा। जो भूगर्भ जल सतर को बढ़ाने में मदद करेगा। अब तक प्राधिकरण करीब 100 पिट तैयार कर चुका है।
यह समस्या बनी है
नोएडा में प्रति वर्ष डेढ़ मीटर के हिसाब से भूजल स्तर गिर रहा है। कई सेक्टरों में भूजल काफी नीचे पहुंच चुका है। यह प्राधिकरण के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। प्राधिकरण कई वर्ष से प्रयास कर रहा है कि वर्षा जल संचयन के माध्यम से भूगर्भ जल स्तर को बढ़ाया जा सके।
यह होगा फायदा
वाटर पर्कुलेट पिट वर्षा जल संरक्षण का प्रभावी माध्यम माना जा रहा है। यह एक विशेष प्रकार का गड्ढा या संरचना होती है, इसमें वर्षा जल जमा होकर धीरे-धीरे जमीन के अंदर पहुंचता है। इससे भूजल स्तर बढ़ता है।
पानी की बर्बादी रुकती है। यह चार फिट चौड़ा, 12 फिट गहरा गड्ढा है, इसमें ईंट, बजरी, रेत और पत्थरों की परत डाली जाती है ताकि पानी फिल्टर होकर जमीन में समा सके। वर्षा जल पाइप या नालियों के जरिये पिट तक पहुंचाया जाता है।
पिट में मौजूद फिल्टर सामग्री पानी को साफ करती है। इसके बाद पानी धीरे-धीरे जमीन में रिसता है। इससे भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिलती है।
यह होगा फायदा
- भूजल स्तर में सुधार
- जलभराव की समस्या कम होगी
- वर्षा जल का संचयन
- पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा
- भविष्य में पानी की कमी से राहत
वाटर पर्कुलेट पिट तकनीकी विवरण
- विवरण : माप / क्षमता
- व्यास : 4 फीट
- गहराई / ऊंचाई : 12 फीट
- कुल आयतन : 150.79 घन फीट
- 1 घन फीट बराबर : 28.3168 लीटर
- एक परकोलेशन वेल की क्षमता : 4,270 लीटर
- कुल परकोलेशन वेल : 10,000
- एक वेल की वार्षिक क्षमता (30 बार भरने पर) : 1,28,100 लीटर
- 10,000 वेल की कुल वार्षिक क्षमता : 1,28,10,00,000 लीटर
उद्यान विभाग की स्थिति
| वर्ग | उद्यान खंड प्रथम | उद्यान खंड द्वितीय | उद्यान खंड तृतीय | कुल |
|---|---|---|---|---|
| पार्क | 325 | 269 | 135 | 728 |
| हरित पट्टिका | 71 | 56 | 68 | 195 |

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

