अतुल पंवार की हत्या के बाद पुलिस ने दामिनी की कॉल डिटेल निकाली। दामिनी ने जनवरी से 17 जुलाई की सुबह तक तुषार पायला को 2000 कॉल की थी। तभी पुलिस को शक हुआ कि दामिनी की चालक तुषार पायला के साथ नजदीकी है। तत्काल ही तुषार पायला के घर दबिश डाली। घर पर ताला बंद था।
तुषार की पत्नी भी गुरुवार को अपनी रिश्तेदारी मेरठ के शास्त्रीनगर में आ गई थी। तुषार भी घर से फरार होकर मेरठ आ गया था। मोबाइल कॉल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने तुषार को दबोच लिया। पुलिस की गाडी में बैठते ही तुषार बोला, मेरी पिटाई मत कराना। सबकुछ साफ साफ बता दूंगा।
तुषार ने तपाक से बाेल दिया कि दामिनी के शादी करने के लिए ही अतुल के ऊपर सांप छोड़कर मार डाला। तब पुलिस ने अंतिम संस्कार के बाद दामिनी को हिरासत में ले लिया।
पुलिस के सामने बोली, तुषार क्या अब भी मुझसे शादी करेगा, वह कुछ नहीं बोला
दामिनी ने तुषार के सामने आते ही बोल दिया कि उसे छोड़ दो। पूरा जुर्म मैं कबूल कर लूंगी। साथ ही पुलिस से कहा कि एक बार तुषार से अकेले में मिलवा दाे। पुलिस ने अपने सामने ही दोनों को आमने सामने किया। तब भी दामिनी को पति की हत्या का कोई पछताव नहीं था। उसके ऊपर तुषार पायला के प्यार का भूत इतना सवार था कि पुलिस कस्टडी में ही तुषार से पूछा, क्या अब भी मुझसे शादी करेगा।
तुषार पायला ने दामिनी के इस सवाल का जवाब नहीं दिया। दोनों से पूछताछ के बाद ही पुलिस ने सपेरे सोनू और उदय को गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने कबूल किया कि तीन माह में सांप ढूंढा। सात जुलाई को सांप डिब्बे में बंद कर स्कूल में रख दिया था। उसके बाद ही सांप से कटवा कर ही हत्या को अंजाम दिया।
करैत के काटने से पहले 25 नींद की गोलियां दी गई थी
सांप के काटने से पहले अतुल को दामिनी ने दूध में 25 नींद की गोलियां दी थी। इतनी नींद की गोलियों से ही व्यक्ति की मौत हो जाती है। यही कारण है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण स्पष्ट नहीं हुआ। इसलिए बिसरा सुरक्षित रखा गया।
करैत सांप बेहद जहरीला होता है
दरअसल, करैत प्रजाति का सांप अत्यधिक जहरीला होता है। इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है। देश के सबसे खतरनाक सांपों में से एक है। इसके जहर में शक्तिशाली न्यूरोटाक्सिन होता है, जो सीधे तंत्रिका तंत्र और मांसपेशियों पर हमला करता है। इसके काटने पर अक्सर तेज दर्द या सूजन जैसे लक्षण नहीं दिखते, जिस कारण पीड़ित को पता ही नहीं चलता कि उसे सांप ने डस लिया है। यह सांप मुख्य रूप से रात में निकलता है और अक्सर जमीन पर सोते हुए लोगों को अपना शिकार बनाता है। इसके शरीर पर सफेद रंग की धारियां (पट्टियां) बनी होती हैं।
बचाव और उपचार
करैत के काटने पर शरीर में लकवा हो सकता है और सांस रुकने से मौत भी हो सकती है। इसलिए, इसके काटने पर घरेलू उपायों में समय बर्बाद किए बिना तुरंत नजदीकी अस्पताल जाकर एंटी-वेनम का इलाज शुरू करवाना चाहिए।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

