जिले के सब्जी उत्पादक किसानों को अब अपनी उपज बेचने के लिए बिचौलियों और स्थानीय बाजारों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
किसानों को उनकी सब्जियों का बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए जिले के छह प्रखंडों में आधुनिक सब्जी संग्रहण केंद्र बनाए जा रहे हैं। सहकारिता विभाग की पहल पर इन केंद्रों का निर्माण तेजी से चल रहा है।
एक केंद्र पर 1.14 करोड़ रुपये खर्च
औराई, मुशहरी, कुढ़नी, पारू, मीनापुर व बंदरा प्रखंड में संग्रहण केंद्रों का निर्माण कराया जा रहा है। प्रत्येक केंद्र के निर्माण पर करीब एक करोड़ 14 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इन केंद्रों में किसानों की उपज के संग्रहण, विपणन और बिक्री की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध होगी।
सभी केंद्रों के लिए जमीन उपलब्ध
जिला सहकारिता पदाधिकारी प्रशांत कुमार ने बताया कि सभी छह प्रखंडों में संग्रहण केंद्रों के लिए जमीन उपलब्ध करा दी गई है। केंद्रों की आधारभूत संरचना का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। पहले चरण में छह प्रखंडों में केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। दूसरे चरण में जिले के अन्य प्रखंडों में भी इसी तरह के संग्रहण केंद्र बनाए जाएंगे।
औराई में निर्माण पूरा
तिरहुत सब्जी संघ के अध्यक्ष अमित शुक्ला ने बताया कि औराई में संग्रहण केंद्र का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष पांच केंद्रों का निर्माण अंतिम चरण में है। अगले दो से तीन माह में सभी केंद्र तैयार हो जाएंगे। इसके बाद इनका विधिवत उद्घाटन किया जाएगा।
एक केंद्र से जुड़ेंगे एक हजार किसान
प्रत्येक संग्रहण केंद्र से करीब एक हजार सब्जी उत्पादक किसानों को जोड़ने की योजना है। किसानों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण सब्जी उत्पादन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उन्हें बाजार की मांग के अनुसार सब्जियों की खेती करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
उपज बेचने के लिए नहीं भटकेंगे किसान
केंद्र शुरू होने के बाद किसान सीधे यहां अपनी उपज लेकर पहुंच सकेंगे। इससे उन्हें भंडारण, विपणन और बिक्री की बेहतर सुविधा मिलेगी। किसानों को अपनी सब्जी बेचने के लिए दूर-दराज के बाजारों में भटकना नहीं पड़ेगा। बेहतर बाजार मिलने से उन्हें अपनी उपज की उचित कीमत मिलने की उम्मीद है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

