झारखंड सरकार के उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल कुमार पुरवार मंगलवार को संयुक्त सचिव सह तकनीकी शिक्षा निदेशक जार्ज कुमार और झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डा. डीके सिंह के साथ बीआईटी सिंदरी के स्थिति का जायजा लिया।
इस दौरान विभागाध्यक्षों के साथ बैठक कर उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार बीआइटी सिंदरी को विश्वस्तरीय संस्थान बनाना चाहती है। बीआइटी सिंदरी के पुराने गौरव को लौटाना चाहती है। इसके लिए सरकार और उच्च तकनीकी शिक्षा विभाग हर तरह का सहयोग करने के लिए तैयार है।
उन्होंने सभी एचओडी से कहा कि अपने अपने विभागों में रिसर्च की सुविधा बढ़ाएं। इसके लिए अपने अपने विभागों का अवलोकन करें कि आज आपके विभाग के पास क्या है और किस चीज की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पांच साल में आप डिपार्टमेंट को कहां ले जाना चाहते हैं। इसका ब्लू प्रिंट तैयार करके 15 दिनों के अंदर निदेशक के माध्यम से विभाग को भेज दें।
राहुल कुमार पुरवार ने निदेशक के साथ बैठक में कहा कि विभागीय स्तर पर जो भी आंतरिक समस्या है और यदि संभव है तो स्वयं के स्तर पर इसे दूर कर लें। यदि संभव नही है तो प्रस्ताव लेकर विभाग में आए एक साथ ही व्यवस्था कर दी जाएगी। निदेशक डा. पंकज राय ने प्रधान सचिव के साथ हुई बैठकों की विस्तृत जानकारी दी।
बीआइटी से प्रस्थान करने से पहले प्रधान सचिव ने पत्रकारों को बताया कि बीआइटी को बेहतर बनाने के लिए जो भी प्रस्ताव विभाग के पास आएगा उसे शीघ्रता से धरातल पर उतारा जाएगा। बीआइटी सिंदरी शीघ्र ही विश्वविद्यालय के रूप में झारखंड का धरोहर बनकर उभरेगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

