जनपद में लंबे समय से लंबित रेल परियोजनाओं को शुरू कराने की मांग अब संसद मे एक अनोखे अंदाज में पहुंची। मंगलवार को सांसद छोटेलाल खरवार ने संसद में अपनी बात गीत के माध्यम से रखते हुए क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उनके इस अलग अंदाज ने सदन का ध्यान सोनभद्र की ओर आकर्षित किया।
संसद में अपने संबोधन के दौरान सांसद ने कहा कि सोनभद्र खनिज संपदा से समृद्ध जनपद है, लेकिन यहां रेल नेटवर्क का अपेक्षित विकास नहीं हो सका है। उन्होंने पूर्व में रेल मंत्री को दिए गए अपने पत्र का भी उल्लेख करते हुए कहा कि कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं वर्षों से लंबित हैं, जिससे क्षेत्र के विकास पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
सांसद ने लोकगीत के माध्यम से जनपद की पीड़ा को अभिव्यक्त करते हुए बताया कि यहां के लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सोनभद्र के हालात ठीक नहीं हैं और औद्योगिक व आर्थिक विकास को गति देने के लिए रेल नेटवर्क का विस्तार अत्यंत आवश्यक है।
छोटेलाल खरवार ने यह भी स्पष्ट किया कि अपनी बात जिम्मेदारों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए उन्होंने गीत का सहारा लिया, क्योंकि यह माध्यम अधिक संवेदनशील और प्रभावशाली है। विदित हो कि सांसद लोकगीत गाने के लिए भी जाने जाते हैं और समय-समय पर सांस्कृतिक माध्यमों से अपनी बात रखते रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि जनपद की लंबित रेल परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र शुरू कराया जाए, ताकि क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिल सके।


