लद्दाख की वादियों में उगने वाली विश्व प्रसिद्ध खुबानी अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मिठास घोलेगी। लद्दाख से खुबानी की पहली बड़ी व्यावसायिक खेप संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के लिए रवाना कर दी गई है।
यह सिर्फ एक निर्यात नहीं, बल्कि लद्दाख के किसानों के लिए एक नए युग की शुरुआत है। लंबे समय से लद्दाख की खुबानी देश के 60 प्रतिशत खुबानी उत्पादन में हिस्सेदारी रखती आ रही है, लेकिन अब इसे ग्लोबल पहचान मिल रही है।
प्रशासन के अनुसार इस सीजन में लगभग 1000 लाख मीट्रिक टन लद्दाखी खुबानी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात करने के लिए लद्दाख प्रशासन ने रिटेल समूह लुलु इंटरनेशनल से सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इसी कड़ी में खुबानी की 5 लाख मीट्रिक टन की पहली खेप संयुक्त अरब अमीरात अमीरात भेजी गई।
आपको बता दें, इससे पहले भी 2021 में लद्दाख से खुबानी का पहला वाणिज्यिक शिपमेंट दुबई को निर्यात किया गया था, लेकिन इस बार का पैमाना कहीं बड़ा है। लेह में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस मौके पर उपराज्यपाल ने कहा, “लद्दाख की खुबानी को ग्लोबल पहचान दिलाएंगे, नए जिले से बढ़ेगी हर घर की आय”। उन्होंने इसे स्थानीय खुबानी उत्पादन के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। हाल ही में उपराज्यपाल ने नए जिलों के दौरे के दौरान भी कहा था कि खुबानी को वैश्विक बाजार मिलेगा और विकास का नया दौर शुरू होगा।
किसानों के लिए सुनहरा मौका
इसका सीधा फायदा लद्दाख के उन हजारों किसानों को मिलेगा जो कारगिल और लेह की ऊंची पहाड़ियों में खुबानी उगाते हैं। अब तक उन्हें अपनी फसल के लिए मंडियों पर निर्भर रहना पड़ता था, खराब मौसम में तो फसल बर्बाद भी हो जाती थी।
सरकार अब इसके लिए एक व्यापक कार्य योजना पर काम कर रही है। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, APEDA और लद्दाख के बागवानी विभाग मिलकर निर्यात को बढ़ावा देने की योजना तैयार कर रहे हैं। साथ ही ITBP द्वारा स्थानीय उत्पादों की खरीद के लिए सहकारिता विभाग से MoU भी किया गया है ताकि किसानों को सुनिश्चित बाजार मिल सके।
लद्दाख की खुबानी, जिसे स्थानीय भाषा में ‘चुली’ कहा जाता है, अपनी मिठास, कम खट्टापन और औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है। इसमें ऑर्गेनिक होने के साथ-साथ विटामिन और एंटी-ऑक्सीडेंट भरपूर होते हैं। हाल ही में उपराज्यपाल ने सेब, खुबानी, सी-बकथॉर्न और रक्तसे कार्पो जैसी फसलों की ब्रांडिंग पर भी जोर दिया है।
लद्दाख बनेगा ऑर्गेनिक मॉडल प्रदेश
यह निर्यात सिर्फ शुरुआत है। प्रशासन का लक्ष्य लद्दाख को देश का पहला मॉडल ऑर्गेनिक प्रदेश बनाना है। खुबानी के बाद सेब, अखरोट और हर्बल उत्पादों को भी खाड़ी देशों में भेजने की तैयारी है।
यह खबर सिर्फ लद्दाख की नहीं, पूरे भारत के ‘वोकल फॉर लोकल’ विजन की जीत है। एक छोटी सी खुबानी अब भारत की कृषि ताकत का प्रतीक बनकर दुबई के शेल्फ पर सजेगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

