नई दिल्ली: देश में एलपीजी (LPG) के अधिक प्रभावी और किफायती उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पुणे गैस ने केंद्र सरकार को एलपीजी एफिशिएंसी पॉलिसी (LPG Efficiency Policy) लागू करने का प्रस्ताव सौंपा है। कंपनी का कहना है कि इस नीति से ईंधन की बचत, ऊर्जा दक्षता में सुधार और उपभोक्ताओं पर बढ़ते खर्च को कम करने में मदद मिल सकती है।
प्रस्ताव के अनुसार, एलपीजी के घरेलू और व्यावसायिक उपयोग में आधुनिक एवं ऊर्जा-कुशल तकनीकों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। इसके साथ ही ऐसे उपकरणों के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया है, जो कम गैस की खपत में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
पुणे गैस का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी एफिशिएंसी पॉलिसी लागू होने से ऊर्जा संसाधनों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा। साथ ही, गैस की अनावश्यक खपत कम होने से आयात पर निर्भरता घटाने और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में भी सहायता मिल सकती है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि भारत जैसे बड़े एलपीजी उपभोक्ता देश के लिए ईंधन दक्षता को बढ़ावा देने वाली नीति भविष्य की जरूरतों को देखते हुए महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। इससे पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा संरक्षण के लक्ष्यों को हासिल करने में भी मदद मिलेगी।
फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रस्ताव पर विचार के बाद सरकार आगे की नीति संबंधी निर्णय ले सकती है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

