जिले के गरीब और निम्न आय वर्ग के बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कुटीर ज्योति उपभोक्ता को उला (यूटिलीटी लीड एग्रेशन) योजना के तहत एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
इस योजना के अंतर्गत जिले के 100 गांव में 10 हजार 631 बीपीएल परिवारों की छतों पर मुफ्त में सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इससे इन परिवारों को घरेलू बिजली की जरूरतों को पूरा करने में काफी सहूलियत मिलेगी और बिजली बिल के बोझ से भी राहत मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं की छतों पर 1.1 किलोवाट क्षमता का सोलर यूनिट लगाया जाएगा। इसके लिए दो सोलर प्लेट लगाए जाएंगे, जिनसे उत्पन्न होने वाली बिजली का उपयोग घर के सामान्य कार्यों में किया जा सकेगा।
इस सौर ऊर्जा से उपभोक्ता पंखा चलाने, बल्ब जलाने तथा मोबाइल चार्ज करने जैसी आवश्यक जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकेंगे। बिजली विभाग का कहना है कि योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब और निम्न आय वर्ग के लोगों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना है।
साथ ही इससे पारंपरिक बिजली पर निर्भरता भी कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक पात्र परिवार इस योजना का लाभ उठाएं।इस योजना के तहत सोलर पैनल की खरीद, इंस्टॉलेशन और तकनीकी व्यवस्था का पूरा खर्च बिजली कंपनी द्वारा वहन किया जाएगा। उपभोक्ताओं को इसके लिए अपनी जेब से कोई भी राशि खर्च नहीं करनी होगी।
हालांकि, पैनल लगने के बाद उसकी साफ-सफाई और सुरक्षा की जिम्मेदारी उपभोक्ता की होगी, ताकि सोलर यूनिट बेहतर तरीके से काम करता रहे।विभाग द्वारा यह भी बताया गया है कि सोलर यूनिट लगाने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें निर्धारित की गई हैं।
इसके अनुसार, उपभोक्ता के घर की पक्की छत कम से कम 64 वर्ग फीट होनी चाहिए और वह स्थान पूरी तरह छायामुक्त होना चाहिए, ताकि सोलर पैनल को पूरे दिन पर्याप्त धूप मिल सके और बिजली उत्पादन बेहतर हो।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

