सरकारी मकानों की व्यवस्था होगी पूरी तरह ऑनलाइन, चंडीगढ़ में हजारों कर्मचारियों को मिलेगी बड़ी राहत

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यूटी के हजारों कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। सरकारी मकानों के आवंटन और प्रबंधन की पूरी व्यवस्था डिजिटल होने जा रही है। ई-आवास (eAwas) पोर्टल के अपग्रेड के जरिए सरकारी मकानों से जुड़ी लगभग सभी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएंगी।

चंडीगढ़ प्रशासन हाउस अलॉटमेंट कमेटी (एचएसी) और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के सहयोग से इस परियोजना पर काम कर रहा है। इसके लागू होने के बाद कर्मचारियों को सरकारी मकानों के आवंटन, रिटेंशन (आवास बनाए रखने), ट्रांसफर, ट्रांजिट आवास, पानी-बिजली की एनओसी, शिफ्टिंग चार्ज में छूट और अन्य मंजूरियों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

आवेदन से लेकर मंजूरी तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और कर्मचारी अपने आवेदन की स्थिति रियल टाइम में देख सकेंगे। शहर में 5,800 से अधिक सरकारी मकान हैं। चंडीगढ़ को सरकारी कर्मचारियों का शहर कहा जाता है।

पंजाब एवं हरियाणा की संयुक्त राजधानी होने के साथ-साथ यहां केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन, पंजाब एवं हरियाणा सचिवालय, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तथा विभिन्न केंद्रीय संस्थानों के हजारों कर्मचारी कार्यरत हैं।

सरकारी मकान के मामले भी ऑनलाइन निपटेंगे

नई व्यवस्था में सरकारी मकान के रिटेंशन और ट्रांसफर से जुड़े मामलों का निपटारा भी डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। सेवानिवृत्ति, स्थानांतरण या आवंटी की मृत्यु के मामलों में फाइलों का निपटारा ऑनलाइन होगा।

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