भीमपुरा क्षेत्र के इब्राहिमपट्टी-चचाईपार मार्ग स्थित टंडवा प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका अनुपमा सिंह पटेल से छह जुलाई को तमंचे के बल पर मंगलसूत्र छीनने की सनसनीखेज वारदात के राजफाश के लिए पुलिस अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने दोनों बदमाशों की पहचान कर उनका नाम-पता सत्यापित कर लिया है। हालांकि दोनों आरोपित अभी गिरफ्त से बाहर हैं। उनकी तलाश में भीमपुरा पुलिस और एसओजी बलिया की तीन टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
थानाध्यक्ष रंजीत विश्वकर्मा ने बताया कि घटना के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और जीपीएस ट्रैकिंग की मदद से आरोपितों की गतिविधियों का बारीकी से विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि वारदात के बाद दोनों बदमाश बलिया-मऊ सीमा पार करते हुए चचाईपार, मधुबन और घोसी तक पहुंचे थे। घटना के दिन ही पुलिस ने करीब 20 किलोमीटर तक उनकी लोकेशन ट्रेस कर ली थी। उन्होंने बताया कि जल्द ही दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर घटना का सफल अनावरण किया जाएगा।मऊ जिले के निकले दोनों आरोपित
पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि दोनों आरोपित मऊ जिले के रहने वाले हैं। उनकी पहचान तक पहुंचने के लिए पुलिस ने बलिया से मऊ तक करीब 22 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा 55 संदिग्ध मोबाइल नंबरों का विश्लेषण, जीपीएस ट्रैकिंग और मोबाइल सर्विलांस जैसे आधुनिक तकनीकी संसाधनों का भी सहारा लिया गया। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपितों की पुष्टि करने में सफल रही।
चार मोबाइल नंबर बने जांच की सबसे अहम कड़ी
वारदात के खुलासे के लिए पुलिस ने इब्राहिमपट्टी, चचाईपार, कटघरा, मधुबन और घोसी क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन परीक्षण किया। साथ ही 55 संदिग्ध मोबाइल नंबरों की काल डिटेल और लोकेशन का विश्लेषण किया गया। इनमें से चार मोबाइल नंबर पुलिस के लिए सबसे महत्वपूर्ण सुराग साबित हुए। इन्हीं नंबरों की लोकेशन, जीपीएस ट्रैकिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपितों की पहचान सुनिश्चित की गई। अब पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

