राज्य के दर्जे पर NC का प्रदर्शन, मीरवाइज को न्योते पर BJP से भिड़े डिप्टी सीएम, पूछा- ‘क्या वे J&K के नागरिक नहीं?’
उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस द्वारा मीरवाइज उमर फारूक को 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के न्योते का जोरदार बचाव किया। उन्होंने इस पर आपत्ति जताने वालों से पलटकर सवाल पूछा- ‘क्या मीरवाइज जम्मू-कश्मीर के नागरिक नहीं हैं?’
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए चौधरी ने कहा, ‘BJP इस पर सवाल क्यों उठा रही है? जाइए और भाजपा नेताओं के साथ मीरवाइज की तस्वीरें देखिए। जहां तक भाजपा की बात है, उसने तो कश्मीर में सरेंडर कर चुके आतंकियों को भी अपने साथ जोड़ लिया है। इस पर भाजपा से सवाल क्यों नहीं पूछते? क्या मीरवाइज के पास वैध वोटर कार्ड, आधार कार्ड नहीं है? क्या वह जम्मू-कश्मीर के नागरिक नहीं हैं?’
उन्होंने आगे कहा, ‘उनकी राजनीतिक विचारधारा अलग हो सकती है, लेकिन यह (NC का प्रदर्शन) राज्य के दर्जे का मुद्दा है- जो हम सब से जुड़ा है। इसलिए हमने BJP समेत सभी को न्योता दिया है। हम उम्मीद करते हैं कि अगर BJP वाकई जम्मू-कश्मीर और यहां के लोगों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण है, तो वह 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर NC के प्रदर्शन में शामिल होगी।’
12 जुलाई की रैली की तैयारियों का जायजा
उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और NC के जम्मू प्रांतीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता ने हरि सिंह पार्क में मीडिया से बातचीत की। वे वहां 12 जुलाई को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की होने वाली रैली की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे थे। यह रैली 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर राज्य के दर्जे के समर्थन में होने वाली NC की रैली के लिए जनसमर्थन जुटाने के मकसद से आयोजित की जा रही है।
चौधरी ने BJP की आपत्ति को खारिज करते हुए कहा, ‘क्या BJP मीरवाइज से बात नहीं करती? BJP की आपत्ति सिर्फ गैलरी में खेलने की कोशिश है।’
अपने दौरे को लेकर डिप्टी सीएम ने बताया, ‘हम यहां हरि सिंह पार्क में व्यवस्थाओं का जायजा लेने आए हैं। 12 जुलाई को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला नेशनल कॉन्फ्रेंस की विशाल रैली को संबोधित करेंगे, ताकि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री को जम्मू-कश्मीर को जल्द से जल्द राज्य का दर्जा बहाल करने का उनका वादा याद दिलाया जा सके। 18 महीने बीत चुके हैं, लेकिन वादा पूरा नहीं हुआ।’
उन्होंने कहा कि रैली में मुख्यमंत्री यह भी बताएंगे कि राज्य का दर्जा न होने से चुनी हुई सरकार को किन दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही 11 जुलाई को मदरे-मेहरबान की पुण्यतिथि के मौके पर कश्मीर में भी इसी तरह की बड़ी रैली आयोजित की जाएगी।
जम्मू को राज्य के दर्जे की सख्त जरूरत
चौधरी ने कहा कि 12 जुलाई की NC रैली में ज्यादा से ज्यादा जम्मूवासियों को शामिल होना चाहिए, ताकि यह धारणा खत्म हो कि सिर्फ कश्मीर के लोग ही राज्य का दर्जा मांग रहे हैं। ‘असल में जम्मू को राज्य के दर्जे की सख्त जरूरत है। राज्य का दर्जा न होने से नौकरियों और जमीन के नुकसान के कारण जम्मू कश्मीर से भी ज्यादा परेशान है’, उपमुख्यमंत्री ने कहा।
कठुआ जिले के हीरानगर में गुरुवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यक्रम के दौरान कथित “सुरक्षा चूक” के सवाल पर उन्होंने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई।
‘कल कठुआ के हीरानगर और सांबा जिले में राज्य के दर्जे की बहाली के लिए 20 जुलाई के जंतर-मंतर प्रदर्शन के समर्थन में पार्टी के दो दौरे तय थे। मैं NC के जम्मू प्रांतीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता के साथ वहां था। मेरा सवाल है कि जब जिला प्रशासन और पुलिस को मेरे राजनीतिक दौरे और सार्वजनिक कार्यक्रम की पहले ही सूचना दे दी गई थी, तो हॉल को सैनिटाइज क्यों नहीं किया गया?’
विरोध करने वाला युवक BJP कार्यकर्ता
उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने वाले व्यक्ति को एक राजनीतिक दल ने प्लांट किया था। ‘वह BJP कार्यकर्ता है। आप उसका सोशल मीडिया प्रोफाइल चेक कर सकते हैं। यह घटना न सिर्फ उस युवक पर बल्कि पुलिस पर भी सवाल उठाती है। यह पूरी तरह पुलिस की सुरक्षा चूक है। इससे पहले ग्रेटर कैलाश में भी सुरक्षा चूक हुई थी। चौधरी ने अपना आरोप दोहराया, मैं जम्मू-कश्मीर का उपमुख्यमंत्री हूं और ‘टूर-प्रोग्राम’ पर था। यह चूक (विरोध) संबंधित DySP और SHO की जानकारी में हुई। प्रदर्शनकारी जानबूझकर मेरा कार्यक्रम बाधित करने के लिए यहां भेजे गए थे।’
वह एक वकील के विरोध का जिक्र कर रहे थे, जिसने DyCM के पार्टी कार्यक्रम में कुछ देर के लिए बाधा डाली थी। प्रदर्शनकारी वकील का आरोप था कि मुख्यमंत्री ने जम्मू में भी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU) घोषित करने का वादा पूरा नहीं किया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अगर युवक की कोई जायज मांग थी, तो वह बाद में उनसे मिल सकता था।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

