महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में एमएसडब्ल्यू के छात्रों ने सोमवार को मूल्यांकन में गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों ने समाज कार्य संकाय के प्रवेश द्वार पर नारेबाजी करते हुए विभाग पर मनमानी का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह संस्थान उत्तर प्रदेश की वरीयता सूची में अव्वल है, लेकिन पिछले तीन से चार वर्षों में यहां कोई भी प्लेसमेंट नहीं हुआ है।
छात्रों ने आरोप लगाया कि सोमवार को निर्धारित मौखिक परीक्षा को भी कैंसिल कर दिया गया। प्रदर्शन में रितिक, आलोक, संगम यादव, हरिओम गुप्ता, महिमा अग्रहरि, रिया, आकांक्षा, राज शर्मा, विपुल सहित अन्य छात्र शामिल थे। छात्रों ने कहा कि वे अपनी समस्याओं को लेकर कई बार प्रशासन से मिल चुके हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने मांग की कि मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने यह भी कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आगे भी प्रदर्शन जारी रखेंगे। छात्रों का कहना है कि वे इस संस्थान में पढ़ाई कर रहे हैं, जो कि समाज कार्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण है, लेकिन यहां की स्थिति उनके भविष्य के लिए चिंताजनक है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपने करियर के लिए उचित मार्गदर्शन और अवसरों की आवश्यकता है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में कई छात्रों ने प्लेसमेंट के लिए आवेदन किया, लेकिन उन्हें कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। छात्रों ने कहा कि वे इस स्थिति को लेकर बेहद निराश हैं और चाहते हैं कि प्रशासन इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करे।छात्रों का कहना है कि वे इस संस्थान की प्रतिष्ठा को बनाए रखना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए आवश्यक है कि प्रशासन उनकी समस्याओं का समाधान करे।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

