दिल्ली हाई कोर्ट ने अभिनेता और सांसद रवि किशन के व्यक्तित्व (पर्सनैलिटी) अधिकारों की रक्षा करते हुए उनके नाम, तस्वीर, आवाज या व्यक्तित्व का बिना अनुमति व्यावसायिक या आपत्तिजनक इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है।
अदालत ने गूगल, मेटा और एक्स (पूर्व ट्विटर) सहित सोशल मीडिया प्लेटफार्म को ऐसे आपत्तिजनक और एआई से तैयार किए गए कंटेंट के लिंक हटाने का भी निर्देश दिया है। हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर तय की है।
अश्लील कंटेट प्रकाशित या प्रसारित करने पर रोक
न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने अंतरिम आदेश में कहा कि रवि किशन की छवि का उपयोग कर कोई भी अश्लील, अभद्र, मानहानिकारक या उनकी पहचान का अनधिकृत दोहन करने वाला कंटेंट प्रकाशित या प्रसारित नहीं किया जाएगा।
अदालत ने कहा कि यदि संबंधित वेबसाइट, अपलोडर या डोमेन रजिस्ट्रार आदेश मिलने के तीन दिन के भीतर ऐसा कंटेंट नहीं हटाते हैं, तो गूगल, मेटा और एक्स को 72 घंटे के भीतर संबंधित वेब लिंक हटाने होंगे।
उनके नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर एआई कंटेट पर रोक
रवि किशन ने हाई कोर्ट में दायर वाद में कहा था कि विभिन्न वेबसाइटों और इंटरनेट मीडिया मंचों पर उनके नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर एआइ जनित अश्लील और अपमानजनक सामग्री प्रसारित की जा रही है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा और व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है।
याचिका में उन्होंने इश्क 104.8 एफएम के व्हाट इज लव विद कवि किशन नामक रेडियो कार्यक्रम पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, छवि और व्यक्तित्व का व्यावसायिक उपयोग किया गया। इसके अलावा इश्क एफएम के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर उनकी नकली एआइ वीडियो भी पोस्ट की गई थी।
अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी आदेश पारित किया
अदालत ने रेडियो चैनल के मालिक क्रिएटिव चैनल एडवरटाइजिंग एंड मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड (मनोरंजन टीवी नेटवर्क) के खिलाफ भी अंतरिम निषेधाज्ञा जारी की है। साथ ही उन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी आदेश पारित किया है, जिन्होंने रवि किशन के व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन करने वाला कंटेंट अपलोड किया है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

