अयोध्या में सरयू के उफान से बेबस जिंदगी, बाढ़ के पानी से घिरे 18 गांव; जनजीवन अस्त-व्यस्त

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 बैराजों से छोड़े गए पानी व बारिश से सरयू नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। जिले के 18 गांव बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। इनमें सदर तहसील के 10, रुदौली के सात व सोहावल का एक गांव मांझा कलां शामिल हैं।

रुदौली तहसील का कैथी मांझा गांव टापू बन चुका है। यहां नाव ही गमनागमन का एक मात्र सहारा है। सदर तहसील के मड़ना, पिपरी, संग्रामपुर, मूढ़ाडीह, रामपुरपुवारी भी बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 37 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है।

केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक बुधवार को सरयू का जलस्तर 91.10 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हालांकि, जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं। निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। राजस्व प्रशासन की टीमें निचले इलाकों में लगातार भ्रमण कर स्थिति का जायजा ले रही हैं।

बीते तीन दिनों से सरयू के जलस्तर में प्रतिदिन बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कैथी मांझा गांव चारों तरफ पानी से घिर गया है। यहां चारों तरफ पानी ही पानी नजर आया। गांव की फसलें जलमग्न हैं और आने-जाने के सभी रास्ते पानी में डूबने से बंद हो चुके हैं। कैथी मांझा में 85 परिवार रहते हैं।

पशुओं के सामने चारे की समस्या बढ़ने लगी है। विधायक रामचंद्र यादव ने भूसा वितरण के निर्देश प्रशासन को दिए हैं। गांव में लगी सोलर लाइटें भी खराब पड़ी हैं। रात होते ही कैथी माझां में अंधेरा छा जाता है। खराब सोलर लाइटों ने ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ा दी है। कैथी मांझा के शिवप्रसाद यादव ने बताया कि गन्ना व धान की फसल पानी में डूब गई है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर भी नजर

सावन माह के चलते रामनगरी में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और बचाव के व्यापक इंतजाम किए हैं। सरयू में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों पर निगरानी बढ़ाई गई है। श्रद्धालुओं से भी नदी के बढ़े जलस्तर को देखते हुए सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है।

बाढ़ प्रभावित 225 परिवारों को मिली राहत किट

रुदौली : बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए बुधवार को पस्ता माफी स्थित बाढ़ चौकी पर राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम हुआ। विधायक रामचंद्र यादव ने 225 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत किट वितरित की। कैथी मांझा के 105, मुजहना सरायनासीर के 100 और पसैया नैपुरा के 20 परिवारों को किट दी गई।

प्रत्येक किट में आटा, चावल, दाल, आलू, प्याज, नमक, बाल्टी, तिरपाल समेत 26 प्रकार की सामग्री शामिल रही। विधायक ने बताया कि योगी सरकार बाढ़ प्रभावितों के साथ हर पल खड़ी हैं। एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के सभी प्रभावित परिवारों का सर्वे पूरा हो चुका है।

पटरंगा, मरौचा और संडरी गांवों में राहत किट वितरण के लिए भी मांग भेज दी गई है। जल्द ही इन गांवों में राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। तहसीलदार विजय कुमार गुप्ता, राजस्व निरीक्षक अनिल यादव, लेखपाल नकछेद भारती समेत राजस्व विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।

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