प्रीपेड मीटर के बाद बिजली के बढ़े लोड से लगा जोर का झटका, कई गुना बिल बढ़ने से मेरठ में हजारों उपभोक्ता हैरान व परेशान

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 विद्युत नगरीय वितरण खंड के हजारों उपभोक्ताओं का लोड बिना उनकी अनुमति के बढ़ा दिया गया है। बड़ी संख्या में उपभोक्ता कई गुना बढ़ कर आए बिजली के बिल को लेकर हैरान हैं। बिल संशोधन को लेकर हेल्प डेस्क पर धक्के खा रहे हैं।

कई मौकों पर टकराव की नौबत आ रही है। जब से स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं लोगों को नई-नई मुश्किलों से दो-चार होना पड़ रहा है। प्री पेड मीटर की परेशानी खत्म नहीं हुई कि अब जुलाई में लोड बढ़ने की समस्या आ गई है।

केस 1
शिवशंकर पुरी निवासी शैलेंद्र दहिया ने बताया कि उनका पिछले माह का बिल 710 रुपये थे। इस बार 2545 रुपये का बिल आया है। यही नहीं लोड भी दो किलोवाट से बढ़ा कर तीन किलोवाट कर दिया गया है।

केस 2
सूर्यनगर निवासी रवींद्र ने बताया कि उनका लोड पहले चार किलोवाट था। दो दिन पहले उनके पास यह मैसेज आया है कि उनका लोड पांच किलोवाट कर दिया गया है। बताया कि उन्होंने कोई नया बिजली का उपकरण नहीं खरीदा। बिजली की खपत पिछले महिनों के बराबर ही है।

दुकान का लोड भी बढ़ाया

अधिकारियों के अनुसार उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने बताया कि किसी के घर में विशेष अवसरों पर कभी कभार कोई आयोजन जैसे विवाह आदि होने पर बिजली की खपत बढ़ जाती है।

उसके लिए प्रविधान है कि ऊर्जा निगम फिक्स चार्ज  का दोगुणा चार्ज करता है। लेकिन इस तरह लोड बढ़ना उपभोक्ताओं के साथ अन्याय है। कहा विभाग बिल की दरों में वृद्धि नहीं कर रहा तो इस तरह मनमानी वसूली कर रहा है। कहा उनके मोहनपुरी स्थित दुकान का लोड भी चार से बढ़ा कर पांच किलोवाट कर दिया गया है।

नियमानुसार लोड में वृद्धि की गई: अधिशासी अभियंता

वहीं, अधिशासी अभियंता सौरभ मंगला ने बताया कि नियमानुसार लोड में वृद्धि की गई है। उप्र नियामक आयोग के नियमों के अनुसार एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच बिलिंग के दौरान जिन उपभोक्ताओं ने तीन माह लगातार या तीन अलग-अलग माह में तीन बार स्वीकृत लोड की तुलना में अधिक लोड का उपभोग किया है, उन्हीं का लोड बढ़ाया गया है।

नए नियमों में भार वृद्धि के बाद सूचना दिए जाने का प्रविधान है जिसके तहत उपभोक्ताओं को मैसेज भेज गए हैं। जबकि पहले भार वृद्धि के पूर्व सूचना देने का नियम था। मुख्य अभियंता रजनीकांत मिश्र ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं को आपत्ति है तो वह प्रार्थनापत्र दे सकते हैं।

मीटर की जांच के बाद जैसा पाया जाएगा नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। जिन उपभोक्ताओं का लोड बढ़ाया गया है अगर आने वाले माह में उनके द्वारा कम लोड पर बिजली का प्रयोग किया जाता है तो उसे उस अनुसार घटाया भी जा सकता है।

इसके लिए उन्हें आवेदन करना होगा। कहा स्वीकृत भार सही होगा तो बिजली आपूर्ति नेटवर्क उसी के अनुसार विकसित करने में सुविधा होगी।

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