शराबी पति की प्रताड़ना से तंग पत्नी ने अकेले ही हत्या की थी। इसके बाद शव को भी अकेले ही बाथरूम में ठिकाने लगा दिया। मिट्टी और गिट्टी डालने के बाद उसने मिस्त्री से पक्का फर्श करा दिया था। पुलिस ने 14 घंटे की पूछताछ के बाद शनिवार को आरोपित पत्नी को जेल भेज दिया।
पूछताछ के दौरान वह आत्मग्लानि में रातभर रोती रही। मिस्त्री और मजदूर को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। वहीं बाथरूम से बरामद हुए कंकाल का डीएनए नमूना लिया गया है।
बाथरूम में शव के ऊपर खुद डाली थी मिट्टी और गिट्टी
मूलरूप से भरतपुर निवासी 44 वर्षीय सुरेंद्र शर्मा सिकंदरा के दहतोरा की रेणुका धाम कालोनी में रहते थे।पत्नी रूबी ने 45 दिन पहले सुरेंद्र की हत्या करके शव बाथरूम में ही दफनाकर उस पर पक्का फर्श करा दिया था।
शुक्रवार दोपहर रूबी की निशानदेही पर पुलिस ने बाथरूम से शव बरामद किया था। शाम चार बजे पुलिस ने रूबी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उससे घटना के संबंध में पूछताछ की गई।
कंकाल से लिया डीएनए नमूना
रूबी ने बताया कि 17 मई को ही उसने रात में पति को खीर में नींद की गोली दे दी थीं। सुबह तीन बजे उसने उठकर देखा तो पति के शरीर में कोई हरकत नहीं थी। उसने पति को हिलाकर देखा तो कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। सांसें भी बंद थीं। उसी कमरे में रूबी की 13 वर्षीय बेटी प्राची और नौ वर्षीय बेटी सिद्धि सो रही थीं। दूसरे कमरे में सास कमला थीं।
रूबी ने दोनों बच्चों को सास के पास भेज दिया
रूबी ने दोनों बच्चों को सास के पास भेज दिया। सुबह नौ बजे ही उसने वायु विहार में रहने वाले जेठ अनिल शर्मा को फोन करके बुलाया। घर से थोड़ी दूरी पर बच्चों और सास को पहुंचाकर फिर घर आ गई। जेठ को घर इसलिए नहीं आने दिया कि कहीं राज न खुल जाए। घर में लौटकर रूबी ने पहले बाथरूम के कच्चे फर्श को खोदा फिर घसीटकर शव उसमें डाल दिया। कॉलोनी में ही रहने वाले एक व्यक्ति के माध्यम से उसने 600 रुपये में मिट्टी मंगाई। उस मिट्टी से सुरेंद्र के शव को दबा दिया।
खुद ही गिट्टी भी डाल दी
इसके बाद गिट्टी, मोरंग और सीमेंट भी मंगवा लिया। खुद ही गिट्टी भी डाल दी। इसके बाद दहतोरा के रहने वाले राज मित्री रवि को काल करके बाथरूम का फर्श करने को कहा। उन्होंने शाम को आने का आश्वासन दिया। शाम को 6.30 बजे रवि एक मजदूर के साथ पहुंच गया। बाथरूम में मिट्टी ऊंची-नीची हो रही थी। वह भी रूबी ने खुद ही लेबल में कर दी।
मिस्त्री ने फर्श पर प्लास्टर कर दिया, 500 रुपये लेकर वह चला गया
इसके बाद मिस्त्री ने फर्श पर प्लास्टर कर दिया।500 रुपये लेकर वह चला गया। पुलिस ने रूबी से 14 घंटे तक पूछताछ की। उसके मोबाइल की जांच की। मोबाइल की काल डिटेल निकलवाकर जांच की। इसमें स्वजन के अलावा किसी की काल नहीं निकली। पूछताछ के दौरान रूबी रातभर रोती रही।
पुलिस ने राजमिस्त्री और मजदूर को भी बुलाकर पूछताछ की। उन्होंने बताया कि उन्हें पता ही नहीं था कि बाथरूम में कुछ गाढ़ा गया है। कई घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें निर्दोष मानते हुए छोड़ दिया। रूबी को पुलिस ने शनिवार शाम चार बजे पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर रूबी को जेल भेज दिया।
घटना में मृत व्यक्ति की पत्नी के अलावा अन्य किसी का हाथ नहीं निकला
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास का कहना है कि घटना में मृत व्यक्ति की पत्नी के अलावा अन्य किसी का हाथ नहीं निकला है। बाथरूम से बरामद कंकाल का डीएनए सैंपल लिया गया है। डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया है। शव की महिला की निशानदेही पर बरामदगी केस में मजबूत साक्ष्य है।
डीसीपी ने बताया कि महिला पूछताछ के दौरान बयान बदलती रही। पहले उसने बताया था कि उसने इंटरनेट पर तरीके खोजे थे। मगर, बाद में पूछताछ में इनकार कर दिया। मोबाइल की सर्च हिस्ट्री में भी कुछ नहीं निकला।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

