सोपोर पुलिस ने नशे के कारोबार पर एक और बड़ा प्रहार किया है। बार-बार चेतावनी के बावजूद नशा बेचने से बाज न आने वाले तस्कर उमर मोहम्मद शेख को अब सलाखों के पीछे डाल दिया गया है। आरोपी को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज़ के अवैध व्यापार की रोकथाम अधिनियम (PIT-NDPS) के तहत हिरासत में लिया गया है।
हिरासत में लिए गए आरोपी उमर मोहम्मद शेख पुत्र गुलाम मोहम्मद शेख, निवासी शेखपोरा, तुज्जर शरीफ, सोपोर का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, उमर मोहम्मद शेख लंबे समय से नशे के अवैध कारोबार में सक्रिय था और बार-बार ड्रग पेडलिंग की गतिविधियों में शामिल पाया गया था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी कानूनी कार्रवाई की जा चुकी थी। इसके बावजूद उसने नशीले पदार्थों की तस्करी का धंधा बंद नहीं किया। उसकी लगातार आपराधिक गतिविधियां समाज के लिए, खासकर युवाओं के लिए, गंभीर खतरा बनती जा रही थीं। नशे की लत से युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है और उमर जैसे तस्कर इस खतरे को और बढ़ा रहे थे।
आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि और नशा तस्करी में लगातार संलिप्तता को देखते हुए सोपोर पुलिस ने उसका विस्तृत डोजियर तैयार किया। इस डोजियर को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर सक्षम प्राधिकारी ने PIT-NDPS एक्ट के तहत हिरासत का आदेश जारी किया। आदेश के अनुपालन में आरोपी उमर मोहम्मद शेख को जम्मू की सेंट्रल जेल कोट भलवाल में बंद कर दिया गया है।
पुलिस ने जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया
यह कार्रवाई सोपोर पुलिस की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत नारकोटिक्स के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आदतन नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी निवारक कार्रवाई की जा रही है, ताकि वे अपनी अवैध गतिविधियां जारी न रख सकें।
सोपोर पुलिस ने नशा तस्करी और मादक द्रव्यों के दुरुपयोग के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया है। पुलिस नारकोटिक्स के कारोबार में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी और निवारक कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।


