ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा जिले में अब तक धरातल पर पूरी तरह नहीं उतर सकी है। योजना के तहत प्रस्तावित कई महत्वपूर्ण मार्गों पर बसों का संचालन शुरू नहीं हो पाया है।
ऐसे में ग्रामीण यात्रियों को मजबूरी में निजी और डग्गामार वाहनों से सफर करना पड़ रहा है, जहां उन्हें अधिक किराया देने के साथ ही सुरक्षा संबंधी जोखिम भी उठाने पड़ रहे हैं।
कई प्रस्तावित मार्गों पर नहीं शुरू हो सका संचालन
जिले में सकीट, अमांपुर-सहावर, गंजडुंडवारा-पटियाली और चपरई-रिजोर समेत कई मार्गों को ग्रामीण बस सेवा के लिए चिन्हित किया गया था। इन मार्गों पर नियमित बस संचालन शुरू होने से हजारों ग्रामीणों, छात्रों, कर्मचारियों और व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन लंबे समय बाद भी बसें सड़क पर नहीं उतर सकीं।
यात्रियों को चुकाना पड़ रहा अतिरिक्त किराया
बस सेवा शुरू न होने से यात्रियों को रोजाना डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। क्षमता से अधिक सवारियां भरकर चलने वाले इन वाहनों में सफर करना जोखिम भरा साबित हो रहा है। कई बार यात्रियों से मनमाना किराया भी वसूला जाता है। महिलाओं, बुजुर्गों और विद्यार्थियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एआरएम नरेश कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रस्तावित मार्गों पर संचालन शुरू करने की तैयारियां चल रही हैं। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बसों का संचालन शुरू किया जाएगा।


