विरोध के बाद JNU प्रो. जोया हसन का संबोधन रद, स्कूल प्रशासन ने दिया सुरक्षा कारणों का हवाला
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की प्रोफेसर एमेरिटा जोया हसन का स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में प्रस्तावित संबोधन विरोध के बाद रद कर दिया गया।
वह सरदार पटेल विद्यालय के वार्षिक स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने वाली थीं। कार्यक्रम में उन्हें राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ ही विद्यार्थियों और अभिभावकों को ‘बहुलतावाद क्यों मायने रखता है’ विषय पर संबोधित करना था।
कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले बताया जान का खतरा
जोया हसन के अनुसार, कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले स्कूल के दो सुरक्षा कर्मचारियों ने उनके घर पहुंचकर संबोधन रद होने की जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि उनके और विद्यार्थियों के लिए खतरा बताया गया है।उन्होंने कहा कि स्कूल की ओर से उनके लिए वाहन भेजा गया था और इतिहास के शिक्षक के भी उन्हें लेने आने की बात थी, लेकिन इसके बजाय सुरक्षा कर्मचारी पहुंचे। स्कूल प्रबंधन ने संबोधन रद करने के पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया।
पुलिस के दबाव में कार्यक्रम हुआ रद’
स्कूल से जुड़े कुछ अभिभावकों का दावा है कि विरोध करने वाले लोगों की संख्या करीब 15 थी और पुलिस के दबाव में कार्यक्रम रद किया गया।
उनका आरोप है कि पुलिस प्रदर्शनकारियों को हटाने के बजाय स्कूल प्रशासन पर कार्यक्रम रद करने के लिए दबाव बना सकती थी।
क्या बोली पुलिस?
हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों से साफ इनकार किया है। पुलिस के मुताबिक, उसने किसी को बोलने से नहीं रोका और संबोधन रद कराने में उसकी कोई भूमिका नहीं थी।
विरोध करने वालों को कुछ अभिभावकों ने विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) से जुड़ा बताया। वीएचपी ने अपने सदस्यों की प्रदर्शन में संलिप्तता से इनकार किया, लेकिन संबोधन रद किए जाने का स्वागत किया।
वीएचपी
संगठन के प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि सरदार पटेल के नाम पर बने स्कूल में उन्हें आमंत्रित करना उचित नहीं था और स्कूल प्रशासन द्वारा कार्यक्रम से उन्हें दूर रखने का निर्णय सही है।
घटना के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों के एक समूह ने शनिवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक जोया हसन का वर्चुअल संबोधन आयोजित करने की घोषणा की

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

