डीएसआर विधि से धाने की बोआई कर किसान बढ़ा रहे उत्पादन, कर रहे डेढ़ लाख की बचत

डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइट) से धान की सीधी बोआई कर जहां किसान उत्पादन बढ़ा रहे हैं तो वहीं डेढ लाख रुपये की बचत भी कर रहे हैं।

यह एक ऐसी विधि है जिसमें धान के बीज को नर्सरी में पौधे तैयार किए बिना सीधे खेत में बोया जाता है। यह विधि पारंपरिक रोपाई विधि से अलग है। सीधी बोआई में बीज या तो ड्रिल मशीन से बोए जाते हैं या फिर अंकुरित बीजों को ड्रम सीडर से बोया जाता है।

इस विधि में खरपतवार नियंत्रण और नमी प्रबंधन महत्वपूर्ण है। इसमें सबसे खास बात यह है कि किसानों को धान की रोपाई में आने वाले खर्च, समय और मेहनत तीनों की बचत होती है। शहाबगंज के अगरतीपुर गांव के प्रगतिशील किसान बद्रीनाथ ने चालीस बीघे धान की बोआई डीएसआर विधि से किया है।

उन्होंने बताया कि इस विधि से वह पिछले वर्ष से ही धान की बोआई कर रहे हैं। इससे उत्पादन के साथ ही साथ डेढ़ लाख रुपये की बचत करते हैं। समय, परिश्रम इसके अतिरिक्त बच जाता है।

जिला कृषि अधिकारी विनोद यादव ने खेत का निरीक्षण भी किया। बताया कि इस विधि से जहां किसान लाभान्वित हो रहे हैं तो वहीं निराई-गुडाई करना भी आसान है।

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