भतीजी के साथ कोर्ट मैरिज किए जाने से नाराज चाचा ने दुर्जनपुरघाट चाचापुरवा निवासी आजाद सिंह की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने दो आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अपर पुलिस अधीक्षक राधेश्याम राय ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही मृतक की मां से मुलाकात की। थानाध्यक्ष को आरोपितों के गिरफ्तारी का निर्देश दिया है।
दुर्जनपुरघाट के चाचापुरवा निवासी आजाद सिंह ने डेढ़ वर्ष पूर्व गांव में ही पटीदारी के संदीप सिंह के बड़े भाई अजीत सिंह की बेटी खुशी सिंह से कोर्ट मैरिज कर ली। चार माह की एक बेटी अनामिका है। शादी के बाद युवती के स्वजनों ने यह तय किया था कि दोनों गांव नहीं आएंगे।
चार दिन पहले आजाद अपने गांव आए। संदीप भतीजी को भगा कर शादी करने की बात से नाराज रहता था। आजाद सिंह की गांव के पड़ोसी गांव गेड़सर के चिलमपुर निवासी घनश्याम पांडेय के बेटे दद्दन पांडेय से दोस्ती थी। शनिवार की रात करीब नौ बजे उन्हीं के घर बरही संस्कार में निमंत्रण में जा रहा था।
प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक दुर्जनपुर में आजाद ने शराब पी और गेड़सर में मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकला था। घनश्याम पांडेय के घर के पास सड़क पर संदीप ने अपने साथी गेड़सर गांव के शुक्लनपुरवा निवासी सुरेश विश्वकर्मा के साथ मिलकर आजाद की बाइक को रोक लिया और चाकू से पेट व गर्दन पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
संदीप सिंह हत्या करके फरार हो गया। स्वजनों के अनुसार आजाद की शादी पहले दीक्षा सिंह से हुई थी, लेकिन वह छोड़कर चली गई। इसके बाद उसने प्रेम विवाह किया था। थानाध्यक्ष विपुल कुमार पांडेय ने कहा कि मृतक के भाई अनूप सिंह उर्फ मोनू की तहरीर पर दुर्जनपुर चाचा पुरवा निवासी संदीप सिंह व गेड़सर शुक्लन पुरवा निवासी सुरेश विश्वकर्मा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपितों की तलाश की जा रही है।
पत्नी के साथ नवाबगंज में रहता था मृतक
मृतक आजाद सिंह गांव में विवाद होने के कारण नवाबगंज के मुट्ठीगंज चौराहे पर किराए का कमरा लेकर पत्नी के साथ रहता था। नवाबगंज मंडी में पल्लेदारी करके परिवार का भरण पोषण करता था। मृतक के पिता देवबक्श सिंह का पूर्व में निधन हो चुका है। मां शीला का रो-रो कर हाल बेहाल है। छोटा भाई मोनू परिवार के साथ अमृतसर में मजदूरी कर परिवार का भाषण करता है। गांव में तनाव का माहौल है।
मृतक व आरोपित थे मित्र
मृतक आजाद सिंह व आरोपित संदीप सिंह का जन्म एक ही दिन हुआ था। दोनों में मित्रता थी। गांव वाले दोनों के मित्रता का उदाहरण देते थे। भाई की बेटी को भगाकर शादी करने के बाद दोनों में मन मुटाव हो गया। संदीप डेढ़ वर्ष से बदले की आग में झुलस रहा था।


