बॉलीवुड फिल्मों के खई गाने किसी ना किसी धुन या संगीत से प्ररित होकर बनाए गए हैं। आज हम जिस गाने के बारे में आपको बताने वाले हैं उसे राजस्थानी लोकगीत से प्रेरित होकर बनाया गया था। शादियों, पार्टियों और डांस कॉम्पटीशन के लिए ये गाना बेस्ट है।
इस गाने के पीछे की कहानी बेहद दिलचस्प है। हम बात कर रहे हैं साल 1998 में आई फिल्म चाइना गेट के गाने छम्मा छम्मा की। इस गाने में ढेर सारी ज्वेलरी पहनकर उर्मिला मातोंडकर (Urmila Mantondkar) ने जो डांस किया…’आहहहााा’ मजा ही आ गया।
समीर को नहीं लगा अच्छा
दर्शक आज भी इस बड़े चाव से सुनते हैं और इस पर जमकर ठुमके लगाते हैं। इसके गाने के बारे में बात करते हुए समीर अंजान ने खुद इसके पीछे की बैकस्टोरी बताई थी। दरअसल ये गाना असलियत में एक असामी फोक है जिसे सपना अवस्थी समीर जी के पास लेकर आई थीं कि इसका कुछ बना दीजिए। समीर ने कहा कि वो गाना इतना ठंडा मतलब स्लो था कि उन्हें लगा इसे कोई नहीं सुनेगा।
राजस्थानी फोक से ली प्रेरणा
इसके बाद ये गाना अन्नू मलिक ने सुना और उन्होंने इसे ऐसा बीट दिया कि ये ब्लॉकबस्टर बन गया। इस गाने का कनेक्शन राजस्थानी परंपरा से भी है। अगर आपने इसका वीडियो देखा होगा तो इसमें उर्मिला मातोंडकर ने 15 किलो की ज्वेलरी और पांच किलो का लहंगा पहनकर डांस किया था। उर्मिला मातोंडकर का आउटफिट भी राजस्थानी ट्रेडिशनल आउटफिट से प्रेरित नजर आता है। इस गाने का टाइटल छम्मा छम्मा बाजे रे मेरी पैंजनिया राजस्थानी लोक संगीत और डांस से प्रेरित है। इस गाने की धुन संगीतकार अनु मलिक ने राजस्थानी लोक गीत जैसे मांड और घूमर से ली है।
गाना आज भी जब बजता है तो पैर खुद ब खुद थिरकने लगते हैं। सालों पहले अनु मलिक और समीर जी ने जो मेहनत की वो इसकी बीट्स में आज भी महसूस होती है। इसी वजह से इसे बार-बार सुनने का मन करता है।


