‘सर, कोई काम नहीं था, इसलिए दफ्तर नहीं आया’ CDO बागपत को अफसर ने दिया जवाब; छापे में 12 अधिकारी-कर्मी मिले गैरहाजिर

जिले कई सरकारी अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह बेलगाम हैं। सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने तीन विभागों में छापा मारा तो हैरान रह गए, क्योंकि जहां गए वहीं अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित मिले। कुल 12 अधिकारी तथा कर्मचारी अनुपस्थित मिले।
एक अधिकारी ने तो अजीब ही तर्क दिया कि दफ्तर में कोई कार्य नहीं था, इसलिए नहीं आए हैं। इन्हें अब नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा।

सीडीओ अनिल कुमार सिंह के अनुसार श्रम विभाग में सहायक आयुक्त अवकाश पर तथा कर्मचारी नजरे आलम, मोहसिन सैफी, करणवीर तथा प्रदीप कुमार अनुपस्थित मिले। नलकूप विभाग में वरिष्ठ सहायक पीयूष कश्यप, कनिष्ठ सहायक आलोक, मुंशी तथा बेलदार विनोद कुमार अनुपस्थित मिले। खाद्य विपणन अधिकारी कार्यालय में नहीं मिले।

कनिष्ठ सहायक 20 जून से गैर हाजिर, आकाश वर्मा 24 जून व एएमओ शिप्रा खंडेलवाल एक जून तथा जिला खाद्य विपणन अधिकारी अनुपस्थित मिले। सीडीओ की छापामारी से तीनों विभागों में खलबली मच गई। गजब बात यह है कि सीडीओ ने एक अधिकारी को फोन मिलवाकर पूछा कि कहां है तो उनका जवाब आया कि कार्यालय में कोई काम नहीं है, इसलिए नहीं आए। यूं भी उनका स्वास्थ्य खराब चल रहा है इसलिए घर पर आराम कर रहे हैं, लेकिन यह भी माना कि अवकाश नहीं लिया गया है।

सीडीओ की ओर से अनुपस्थित कर्मियाें को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। साफ है कि जब दफ्तरों में कर्मी तथा अधिकारी ही नहीं होंगे तो फरियादियों की सुनवाई कैसे होगी।

निलंबन पर भड़के अमीन, कार्य बहिष्कार की चेतावनी

बागपत: उत्तर प्रदेश राजस्व संग्रह अमीन संघ की जिला कार्यकारिणी एवं तहसील इकाई संघ बागपत ने कलक्ट्रेट पर डीएम को ज्ञापन देकर तहसील बड़ौत के संग्रह अमीन अंकित कुमार को बिना नोटिस निलंबित किए जाने पर कड़ा विरोध जताया और कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी।

जिलाध्यक्ष पंकज शर्मा व जिला मंत्री शिवम राणा ने ज्ञापन देकर बताया कि जिन मांगपत्रों को लेकर संग्रह अमीन को निलंबित किया गया, उनमें मूलधन की पूरी वसूली तथा लगभग 70 प्रतिशत ब्याज की वसूली पहले ही हो चुकी है। चल-अचल संपत्ति भी कुर्क की जा चुकी थी, लेकिन समीक्षा के दौरान इन तथ्यों पर ध्यान नहीं दिया गया। कहा कि बड़ौत क्षेत्र में वसूली के दौरान संग्रह अमीन अंकित कुमार को जान से मारने की धमकी दिए जाने के मामले में अब तक आरोपितों पर कार्रवाई नहीं हुई है।

ये हैं प्रमुख मांगें 

  • संग्रह अमीन का निलंबन तत्काल निरस्त किया जाए
  • लंबित मांग पत्रों का रिकार्ड दुरुस्त कराया जाए
  • राजस्व वसूली की समीक्षा में संग्रह अमीनों का पक्ष भी सुना जाए
  • एसडीएम स्तर पर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कराया जाए

कहा कि मांगें पूरी न होने तक समीक्षा बैठकों एवं अन्य कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा। सुबोध कुमार, अशोक कुमार धामा, देवेंद्र पाल, सत्यवीर सिंह, अनिल कुमार, राजकुमार आदि संग्रह अमीन मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *