बिहार में सड़क हादसों पर लगेगी लगाम, इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से सुरक्षित होंगी सड़कें

प्रमुख राष्ट्रीय एवं राजमार्गों में हादसों को रोकने के लिए इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) लगाया जाएगा।

नवहट्टा सुपौल सीमा से गुजरने वाली भारत माला प्रोजेक्ट के तहत बनी राष्ट्रीय राज मार्ग पर भी आए दिन हादसा होते रहता है। राज्य के 500 जगहों पर इसे लगाया जाना है। पहले चरण में 200 जगहों पर लगाया जाएगा। परिवहन विभाग ने इसके लिए संकल्प जारी किया है।

इसके अनुसार, राज्य में पिछले साल 12 हजार से अधिक हादसे हुए थे। इनमें 9600 लोगों की मौत हुई थी। 1.45 लाख किलोमीटर के सड़क नेटवर्क में औसतन 30 हादसों को देखते हुए इसमें कमी लाने के लिए आधारभूत संरचना विकास प्राधिकरण की बैठक में आईटीएमएस लगाने का निर्णय लिया गया है। राज्य स्तर पर सेंट्रल ट्रैफिक मैनेजमेंट सेंटर एवं 37 जिला व्यूइंग सेंटर की स्थापना होगी। यह सिस्टम पीपीपी मॉडल पर स्थापित होगी।

हादसों को कम करने का लक्ष्य

इस सिस्टम के जरिए हादसों में वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। इस सिस्टम से स्पॉट स्पीड वायलेशन डिटेक्शन सिस्टम, ऑटोमेटिक नंबर प्लेट स्किग्निशन, रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन, सीट बेल्ट, हेलमेट, मोबाइल फोन यूजेज, गलत दिशा में वाहन चालन, तीन सवारी के साथ दो पहिया वाहन का चालन आदि स्वचालित प्रवर्तन प्रणालियां स्थापित की जाएंगी।

इसके रखरखाव के लिए बिहार सड़क सुरक्षा निधि से राशि स्वीकृति हो गई है। इस सिस्टम में उन्नत फेस रिकग्निशन तकनीक होंगे, जिससे बदमाशों की भी पहचान आसान होगी और हिट एंड रन मामलों पर नियंत्रण लगेगा। उच्च गुणवत्ता वाले कैमरा लगाया जाएगा।

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