रांची गोशाला भूमि विवाद में 14 आरोपियों को अदालत का समन, 1.39 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप

न्यायिक दंडाधिकारी मयंक मलियाज की अदालत ने हरमू रोड स्थित रांची गोशाला न्यास के भूमि विवाद मामले में अदालत ने 14 आरोपितों के खिलाफ संज्ञान लेते हुए समन जारी किया है। अदालत ने शिकायत, परिवादी के बयान और जांच गवाहों के साक्ष्य का अवलोकन करने के बाद पाया कि आरोपितों के विरुद्ध प्रथम दृष्टया आपराधिक मामला बनता है।

अधिवक्ता ने बताया कि मामला एमएस गोपालका प्रोजेक्ट के प्रोपराइटर कृष्ण गोपालका की ओर से दायर शिकायतवाद से संबंधित है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रांची गोशाला न्यास के तत्कालीन पदाधिकारियों, ट्रस्टियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों ने वर्ष 2013 और 2014 में 15.95 एकड़ भूमि की बिक्री को लेकर समझौता किया था।

बाद में आरोपियों ने कथित रूप से फर्जी समझौता तैयार कर विश्वासघात और धोखाधड़ी की। शिकायतकर्ता ने अदालत को बताया कि नौ एकड़ सात डिसमिल जमीन की रजिस्ट्री के लिए उसने 1,39,62,500 रुपये का भुगतान किया था।

लेकिन भुगतान के बाद जमीन की रजिस्ट्री नहीं की गई। मामले में परिवादी के अलावा पांच जांच गवाहों ने भी अदालत में बयान दिया और धन के लेन-देन तथा रजिस्ट्री नहीं होने की बात कही। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 जुलाई 2026 की तिथि निर्धारित की है।

इनको भेजा गया समन

मामले में जिन लोगों के खिलाफ समन जारी किया गया है। उनमें रांची गोशाला न्यास के तत्कालीन और पूर्व पदाधिकारी व खरीददार शामिल हैं। तत्कालीन सचिव सज्जन सराफ, पूर्व अध्यक्ष शत्रुधन लाल गुप्ता, पूर्व उपाध्यक्ष रतन लाल जालान, पूर्व कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश छापरिया, तत्कालीन ट्रस्टी किशोरी लाल चौधरी, पुनीत कुमार पोद्दार, प्रदीप कुमार राजगड़िया, प्रकाश चंद सेठी, सुभाष तुलस्यान, कृष्ण लाल चौधरी, राजकुमार टिबड़ेवाल, राज कुमार केडिया और खरीददार संजीव खीरवाल का नाम शामिल है।

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