फिर आंदोलन की तैयारी में हरियाणा नगरपालिका कर्मचारी, छह से आठ अगस्त तक रहेगी हड़ताल

हरियाणा में नगर पालिका कर्मचारी फिर आंदाेलन की तैयारी में हैं। नगर पालिका कर्मचारी संघ ने 13 मई को हुए समझौते को लागू न करने, लंबित मांगों की अनदेखी और वादा-खिलाफी का आरोप लगाते हुए छह से आठ अगस्त तक तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल का निर्णय लिया है।

संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री और महासचिव मांगे राम तिगरा ने कहा कि हड़ताल से पूर्व प्रदेशभर में आंदोलन चलाया जाएगा। एक और दो जुलाई को सभी नगरपालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों में कर्मचारी हाथों में उल्टी झाड़ू लेकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद सात जुलाई से 22 जुलाई तक जिला स्तरीय रैलियां की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि समझौते में अनुबंधित कर्मचारियों को नियमित करने, फरीदाबाद नगर निगम, पलवल नगर परिषद तथा अन्य निकायों के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार पक्का करने तथा 5000 से अधिक छंटनीग्रस्त कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर लेने पर सहमति बनी थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

संघ ने मांग की है कि गुरुग्राम, पलवल, होडल, कैथल, सिरसा, हिसार, भिवानी, सोनीपत, जींद सहित विभिन्न निकायों के छंटनीग्रस्त कर्मचारियों को तुरंत ड्यूटी पर लिया जाए और 2019 के फैसले के अनुसार कर्मचारियों को पालिका रोल पर किया जाए। गुरुग्राम के कर्मचारियों की 89 दिन की हड़ताल अवधि का वेतन दिया जाए।

कर्मचारियों पर वर्ष 2018 तथा 2022 की हड़तालों के दौरान दर्ज झूठे मुकदमों को वापस लिया जाए। डोर-टू-डोर, आउटसोर्स एवं आपरेशनल मेंटेनेंस व्यवस्था के तहत कार्यरत कर्मचारियों का पंजीकरण कर उन्हें ईएसआइ, ईपीएफ तथा बैंक के माध्यम से न्यूनतम वेतन दिया जाए।

सफाई एवं सीवर कर्मचारियों को 5000 रुपये प्रतिमाह जोखिम भत्ता, 30 हजार रुपये न्यूनतम वेतन तथा कच्चे कर्मचारियों को पक्के कर्मचारियों की तरह चिकित्सा प्रतिपूर्ति, ग्रेच्युटी, एक्सग्रेशिया और अन्य सभी सेवा लाभ प्रदान किए जाएं।

संघ नेताओं ने कहा कि सफाई कर्मचारी, सीवरमैन, बेलदार, मिस्त्री, माली, क्लर्क, ड्राइवर, चौकीदार, इलेक्ट्रीशियन तथा अन्य तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पद सृजित कर नियमित भर्ती की जाए। पढ़े-लिखे सफाई कर्मचारियों को योग्यता के आधार पर तृतीय श्रेणी के पदों पर पदोन्नति दी जाए तथा सभी कर्मचारियों को मेडिकल कैशलेस सुविधा उपलब्ध करवाई जाए।

सभी कर्मचारियों के लिए आवासीय प्लाट, एलटीसी सुविधा, अतिरिक्त अवकाश, साप्ताहिक एवं त्योहारों की छुट्टियों में कार्य करने पर अतिरिक्त वेतन, वर्दी भत्ता तथा सफाई एवं सीवर कर्मचारियों के लिए 50-50 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा लागू करने की भी मांग की है। ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग भी दोहराई।

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