लखनऊ अग्निकांड: पीड़ितों की मदद को दौड़े लांस लायक छविराम, लीकेज ठीक करने आए जलकल कर्मियों ने बचाई पांच की जान

सड़क पर जलकल का लीकेज ठीक करने गए मोहित, राजेश और विनोद ने जान की परवाह किए बिना बिल्डिंग में फंसे पांच लोगों को जिंदा निकलवाया। यह तीनों कर्मी सुबह दस बजे से भवन संख्या 101 से थोड़ा पहले सड़क काटकर लीकेज को ठीक कर रहे थे।

दोपहर में पौने दो बजे के आसपास लोगों के चिल्लाने की आवाज सुनकर पीछे मुड़कर देखा तो बिल्डिंग में आग तेजी से फैल रही थी।

तभी तीनों से गैती छोड़कर बिल्डिंग में प्रवेश करके किसी तरह से लोगों को निकालने की कोशिश की, इस दौरान दो लोगों को ही निकाल पाए और आग की लपटे बढ़ने लगी प्रथम तल में प्रवेश करके तीन लोगों को निकाला, इनमें दो कम उम्र के लड़के थे तो तीन लोग 40 वर्ष से ऊपर के थे।

अलीगंज सेक्टर डी में आए थे सड़क पर लाइन के लीकेज को ठीक करने

मोहित ने बताया कि आग लगने के दौरान पड़ोसी सिर्फ एक दूसरे को फोन करते रहे। किसी ने आग बुझाने के लिए पानी वगैरह डालने के लिए जद्दोजहद नहीं की। यही नहीं कुछ लोग वीडियो बनाने लगे। तभी कई लोग दूसरे तल से कूदने लगे, इसमें किसी के पैर टूटे तो किसी का हाथ टूटा। पुलिस के मौके पर पहुंचने पर भीड़ को हटा दिया गया और पौने तीन बजे के आसपास दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंची तो लोगों को तेजी से निकालने का सिलसिला शुरू हुआ।C

दोपहर दो बजे आग लगी, फिर लोगों को तीनों ने मिलकर निकाला

राजेश ने बताया कि अगर बचाव व राहत का काम जल्द शुरू होता तो इतनी मौतें यहां न होती। क्योंकि प्रवेश द्वारा पूरी तरह से आग की लपटों ने बंद कर दिया था। सीढ़ी से न कोई चढ़ सकता था और न कोई उतर सकता था। इसलिए लोग कूदने को विवश हुए।

रास्ते से जा रहे थे लांस नायक, आग देख मदद को दौड़े

घटना हुई तो लांस नायक छविराम सड़क से गुजर रहे थे। चीख-पुकार सुनकर उनसे रहा नहीं गया और वह घटनास्थल पर पहुंच गए। पहले मकान में जाने का प्रयास किया लेकिन लपटें और धुआं अधिक होने के चलते वह अंदर नहीं दाखिल हो पाए।

पसीने से लथपथ छविराम तत्काल बगल वाले मकान से छत पर चढ़े और पुलिस, दमकलकर्मियों के साथ राहत और बचाव कार्य में जुट गए। उन्होंने कई लोगों को बाहर निकाला और कड़ी धूप में दमकलकर्मियों की मदद करते रहे। मकान की दीवार तोड़ने के लिए भी उन्होंने काफी देर मशक्कत की।

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